चंकी बाजपेयी, इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बाणगंगा थाना पुलिस ने एक ऐसे युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है जो किसी वारदात को अंजाम देने के लिए नहीं बल्कि अपने स्वर्गीय दोस्त की ‘आखिरी निशानी’ समझकर पिस्तौल अपनी जेब में लिए घूम रहा था। हालांकि कानून के आगे उसकी यह भावुक दलील काम नहीं आई और पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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रेलवे क्रॉसिंग के पास चेकिंग में धराया
बाणगंगा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे क्रॉसिंग के पास एक संदिग्ध युवक घूम रहा है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर घेराबंदी की और युवक को हिरासत में ले लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से एक अवैध देशी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी की पहचान धनपाल सिंह लोधी के रूप में हुई है।
पूछताछ में खुला ‘अनोखी दोस्ती’ का राज
थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर के मुताबिक, जब पुलिस ने पकड़े गए युवक धनपाल के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की, तो उसका कोई पुराना बैकग्राउंड या केस सामने नहीं आया। जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की कि वह पिस्तौल कहां से लाया, तो उसने जो कहानी सुनाई उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
धनपाल ने बताया कि जब वह अशोकनगर में रहता था, तब मनीष नाम का युवक उसका बेहद पक्का दोस्त हुआ करता था। मनीष ने मरने से पहले उसे यह देशी पिस्तौल गिफ्ट में दी थी। दोस्त की अचानक मृत्यु हो जाने के बाद धनपाल भावुक हो गया और उस पिस्तौल को दोस्ती की निशानी मानकर हमेशा अपने पास रखने लगा।
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वारदात का इरादा नहीं, फिर भी जाना पड़ा जेल
युवक ने पुलिस के सामने यह साफ किया कि उसका इरादा न तो किसी को डराने-धमकाने का था और न ही वह किसी अपराध को अंजाम देने की फिराक में था। वह केवल भावनाओं में बहकर इसे अपने पास रखे हुए था। लेकिन बिना लाइसेंस के अवैध हथियार रखना कानूनन गंभीर अपराध है, इसलिए बाणगंगा पुलिस ने आरोपी धनपाल के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।

