हेमंत शर्मा, इंदौर। सरकारी अस्पताल में दवाओं की जिम्मेदारी संभालने वाला एक फार्मासिस्ट अब खुद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में है। इंदौर के एम.वाय. अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गौरखे के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की कार्रवाई ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी ने अपनी वैध आय से 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। यही नहीं, सरकारी विभाग को कई संपत्तियों की जानकारी तक नहीं दी गई, जबकि विदेश यात्रा को लेकर भी जांच शुरू कर दी गई है। EOW की यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर एक सरकारी कर्मचारी की आय के मुकाबले इतनी बड़ी संपत्ति कैसे खड़ी हो गई।

आय कम, संपत्ति ज्यादा

EOW के अनुसार, राकेश गौरखे वर्ष 2007 में नियुक्त हुए थे। जांच अवधि में उनकी कुल वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपये आंकी गई, जबकि उनकी ओर से अर्जित संपत्ति का मूल्य 2 करोड़ 13 लाख 85 हजार रुपये पाया गया। यानी उनकी संपत्ति वैध आय से 108 प्रतिशत अधिक निकली। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पर सरकारी दवा स्टॉक में भ्रष्टाचार कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

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पत्नी भी सरकारी कर्मचारी

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी की पत्नी कीर्ति गौरखे वर्ष 2010 से शासकीय दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि EOW का फोकस आरोपी की आय, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन पर बना हुआ है।

छापे में क्या-क्या मिला?

EOW की टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपी के नाम और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जिसमें इंदौर के अलग-अलग इलाकों में स्थित कई संपत्तियों का खुलासा हुआ। इनमें शामिल हैं…

  • वृंदावन गार्डन में लगभग 1000 वर्गफीट पर बना दो मंजिला मकान।
  • बिचौली मर्दाना में प्लॉट।
  • सुदर्शन नंदी विहार में प्लॉट।
  • साकार एनआरआई सिटी में करीब 8000 वर्गफीट का प्लॉट।
  • साहिल इंद्रांचल होम्स में एक और प्लॉट।
  • ओमेक्स डेवलपर्स को प्लॉट के लिए लाखों रुपये का भुगतान।

जांच एजेंसी का कहना है कि इनमें से कई संपत्तियों की जानकारी विभाग को नियमानुसार नहीं दी गई थी।

थाईलैंड यात्रा भी जांच के घेरे में

छापेमारी के दौरान मिले पासपोर्ट से यह भी सामने आया कि आरोपी अक्टूबर 2023 में थाईलैंड यात्रा पर गया था। EOW अब यह भी जांच कर रही है कि विदेश यात्रा के लिए विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही यात्रा में हुए खर्च को भी आय के स्रोतों से जोड़कर परखा जाएगा।

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नकदी, दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड जब्त

ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई के दौरान आरोपी के निवास से संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक पासबुक, रजिस्ट्री की प्रतियां, पासपोर्ट और 1 लाख 51 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। इन सभी दस्तावेजों की अब विस्तृत जांच की जा रही है।

जांच अभी बाकी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

EOW का कहना है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है। जब्त दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद संपत्ति का दायरा और बढ़ सकता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अस्पताल में दवाओं की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी पर आय से अधिक संपत्ति के इस मामले ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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