हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर पुलिस की ‘सिंघम’ वाली छवि के पीछे का असली ‘ड्रामा’ अब बेनकाब हो चुका है! जब आरोपियों का जुलूस निकला, तो हाथ-पैर में प्लास्टर चढ़े हुए थे, लेकिन जेल जाने की बारी आई, तो वही आरोपी खुद अपने हाथों से अपना प्लास्टर छीलते नज़र आए! जब इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया, तो महकमे में हड़कंप मच गया। अब थाना प्रभारी पर जांच की आंच आ पहुंची है।
मामला इंदौर के हीरानगर थाने का है। जहां मामूली विवाद में गुंडागर्दी करने वाले आरोपियों को पुलिस ने बड़े फख्र के साथ जुलूस निकालकर घुमाया था। जुलूस में आरोपी ऐसे लंगड़ाते और पट्टे बांधे दिख रहे थे, मानो पुलिस ने उनका तगड़ा इलाज किया हो। लेकिन इस ‘सिंघम मार्का’ थ्रिलर का क्लाइमेक्स तो जेल के दरवाजे पर देखने को मिला, जहां ये तथाकथित ‘घायल’ आरोपी आराम से खड़े होकर खुद ही अपने हाथों-पैरों का प्लास्टर उतार रहे थे!
ये भी पढ़ें: शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा ग्रामीण, मौत बनकर टूटा कलेक्ट्रेट का छज्जा, कूदकर बचाई जान
न कोई दर्द, न कोई फ्रैक्चर… सिर्फ खाकी का फर्जीवाड़ा था। जिस समय पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था तो पुलिस का कहना था आरोपी भागते हुए गिर गए जिसके कारण उनके हाथ पैर में चोट आई थी। लेकिन प्लास्टर उतारते हुए वीडियो वायरल होते ही इंदौर पुलिस की साख पर ऐसा बट्टा लगा कि आला अधिकारियों के पसीने छूट गए।
ये भी पढ़ें: जीतू पटवारी की बढ़ीं मुश्किलें! SC-ST एक्ट मामले में आयोग सख्त, पुलिस से मांगी रिपोर्ट
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर डीसीपी ने तुरंत हीरानगर थाना प्रभारी सुशील पटेल और एसीपी रुबीना को तलब कर लिया। घंटों बंद कमरे में क्लास लगी और अब मामले की विस्तृत जांच डीसीपी को सौंप दी गई है। कमिश्नर साहब ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


