हेमंत शर्मा, इंदौर। खजराना में जिस सरकारी अस्पताल का सपना वहां के रहवासी पिछले कई सालों से देख रहे थे और जो सिर्फ कागजी फाइलों और आश्वासनों तक सीमित था अब उसकी जमीन को लेकर प्रशासन ने कड़ा फैसला लेते हुए आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदकी में अस्पताल के लिए चिन्हित सरकारी जमीन पर तगड़ा एक्शन लेते हुए अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद वर्षों से अटके पड़े अस्पताल निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
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छावनी में बदला खजराना, अवैध कब्जों पर चला पीला पंजा
सुबह-सुबह नगर निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ खजराना पहुंचा। अस्पताल के लिए चिन्हित जमीन पर बने अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे।

मौके पर मुस्तैद पुलिस जवानों की मौजूदगी के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले पस्त हो गए और नगर निगम की टीम ने बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से सारे अवैध निर्माणों को हटा दिया। प्रशासन का साफ कहना है कि सरकारी जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने खोला था ‘सस्पेंस’— कब्जे के कारण अटका था काम
यह वही अस्पताल है, जिसे लेकर हाल ही में बड़ा विवाद सामने आया था। सवाल उठ रहे थे कि जमीन आवंटित होने के बावजूद वर्षों से अस्पताल का निर्माण आखिर क्यों शुरू नहीं हुआ। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने बताया था कि अस्पताल की जमीन पर अवैध कब्जे होने के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

इस चौतरफा घेराबंदी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने असल सस्पेंस से पर्दा उठाते हुए साफ किया था कि अस्पताल की चिन्हित जमीन पर भयंकर अवैध कब्जे हैं, जिसकी वजह से कोई भी निर्माण एजेंसी वहां काम शुरू करने का जोखिम नहीं ले पा रही थी।
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स्थानीय लोगों में जगी उम्मीद की नई किरण
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से सरकारी अस्पताल की जरूरत महसूस की जा रही है। अब जब जमीन से अतिक्रमण हट गया है, तो लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से अधूरी पड़ी यह परियोजना जल्द धरातल पर दिखाई देगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अतिक्रमण हटने के बाद अस्पताल निर्माण कब शुरू होगा और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजार आखिर कब खत्म होगा। इस पर अब सभी की नजर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
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