हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर में मास्टर प्लान की प्रस्तावित सड़क को लेकर पिछले छह महीने से चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। एडवांस एकेडमी से लेकर बीसीएम हाइट्स तक प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। अब यह सड़क 100 फीट के बजाय 80 फीट चौड़ी बनाई जाएगी। सड़क की चौड़ाई कम करने के फैसले से निपानिया और पिपलिया कुमार क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों, मकान मालिकों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से सड़क की जद में आने वाले लोगों को अपने मकान और दुकान टूटने का डर सता रहा था। फैसले के बाद प्रभावित नागरिकों और मास्टर प्लान रोड संघर्ष समिति ने जल संसाधन मंत्री और क्षेत्रीय विधायक तुलसीराम सिलावट का स्वागत कर आभार जताया।
6 महीने से सड़क बनी थी सबसे बड़ी चिंता
मास्टर प्लान के तहत एकादशी से निपानिया और पिपलिया कुमार क्षेत्र तक 100 फीट चौड़ी सड़क प्रस्तावित थी। सड़क की निर्धारित चौड़ाई के कारण बड़ी संख्या में पक्के मकान, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान इसकी जद में आ रहे थे। प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह थी कि सड़क अगर प्रस्तावित चौड़ाई के मुताबिक बनाई गई तो उनके वर्षों से बने मकान और कारोबार का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। कई लोगों के सामने घर छिनने और कारोबार उजड़ने का खतरा पैदा हो गया था। इसी को लेकर पिछले छह महीने से रहवासी और कारोबारी लगातार अपनी आवाज उठा रहे थे। लोगों की मांग थी कि सड़क का निर्माण भी हो और विकास के नाम पर बड़ी संख्या में परिवारों को विस्थापन का सामना भी न करना पड़े।
मंत्री सिलावट ने संभाला मोर्चा
इस मामले में क्षेत्रीय विधायक और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने प्रभावित नागरिकों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से चर्चा की। मंत्री सिलावट के मुताबिक, अधिकारियों और सरकार के स्तर पर चर्चा के बाद सड़क की चौड़ाई 100 फीट से घटाकर 80 फीट करने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से यह उनके सामने बड़ी चुनौती थी। सैकड़ों मकान और दुकानें सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई के कारण प्रभावित हो रही थीं। जनता की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और प्रमुख सचिव के साथ चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया।
विकास भी होगा और घर-दुकान भी बचेंगे
80 फीट चौड़ी सड़क बनाने के फैसले के बाद क्षेत्र के लोगों को दोहरी राहत मिलने की उम्मीद है। एक तरफ मास्टर प्लान के तहत सड़क का विकास होगा, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। दूसरी तरफ सड़क की चौड़ाई कम होने से बड़ी संख्या में मकान और दुकानें प्रभावित होने से बच सकती हैं।यही वजह है कि फैसले की जानकारी सामने आने के बाद प्रभावित क्षेत्र में खुशी का माहौल देखने को मिला।
संघर्ष समिति ने किया मंत्री सिलावट का अभिनंदन
फैसले के बाद मास्टर प्लान रोड संघर्ष समिति और प्रभावित नागरिकों ने मंत्री तुलसी सिलावट का स्वागत किया। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाईं, तिलक लगाया और मिठाई बांटकर खुशी जताई। रहवासियों का कहना है कि पिछले छह महीने से सड़क की चौड़ाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। परिवार इस चिंता में थे कि सड़क के लिए जमीन जाने पर उनका घर और कारोबार किस स्थिति में रहेगा। अब 80 फीट चौड़ी सड़क पर सहमति बनने से उन्हें राहत मिली है।
“विधायक या मंत्री नहीं, सेवक बनकर खड़ा हूं”
अभिनंदन समारोह के दौरान मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे सिर्फ विधायक या मंत्री के तौर पर नहीं बल्कि सेवक के रूप में निभाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति और क्षेत्र के रहवासी इस फैसले से संतुष्ट हैं। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे भी इस काम में किसी तरह की अड़चन आती है तो वे क्षेत्र के लोगों के साथ खड़े रहेंगे। सड़क की चौड़ाई को लेकर फैसला होने के बाद अब अगला फोकस सड़क निर्माण की प्रक्रिया पर रहेगा।
प्रशासन और संबंधित विभागों को नए निर्णय के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फिलहाल छह महीने से चला आ रहा विवाद खत्म होने के बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा संदेश यही है कि शहर के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के साथ प्रभावित लोगों के हितों को भी संतुलित करने की कोशिश की गई है। मास्टर प्लान की सड़क अब 100 फीट के बजाय 80 फीट चौड़ाई में बनाने पर बनी सहमति ने सैकड़ों परिवारों के सामने खड़े मकान और कारोबार बचने की उम्मीद को मजबूत किया है।
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