जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस दमन के विरोध में इनेलो ने भिवानी में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
अजय सैनी, भिवानी। इनेलो शीर्ष नेताओं के निर्देशानुसार पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ तीखा हमला बोला। जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और अमानवीय दमन के विरोध में इनेलो ने शुक्रवार को शहर में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर सरकार को आड़े हाथों लिया।
इनेलो नेताओं ने आरोप लगाया है कि देश में सार्वजनिक संपत्तियों के साथ-साथ अब पवित्र शिक्षा प्रणाली को भी खुलेआम लूट का साधन बना दिया गया है। प्रदर्शन का नेतृत्व इनेलो पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा ने किया तथा अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अशोक ढ़ाणीमाहु व संचालन युवा जिला अध्यक्ष संदीप घणघस ने किया।
ज्ञापन में उठाईं ये मुख्य मांगें
ज्ञापन के माध्यम से इनेलो ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बर्बर लाठीचार्ज में घायल छात्रों के मुफ्त इलाज व उचित आर्थिक मुआवजे तथा पेपर लीक व धांधली के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को आर्थिक मुआवजा व सहायता दिए जाने की मांग रखी। पार्टी ने परीक्षा शुल्क व आयु सीमा में छूट दिए जाने तथा पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु ठोस कानून बनाए जाने का भी आग्रह किया।
डा. वासुदेव शर्मा का सरकार पर हमला
इस मौके पर इनेलो पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा ने कहा कि देश में आज एक ऐसा माहौल बन गया है जहां सार्वजनिक संपत्तियों के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली को भी लूट का जरिया बना दिया गया है। आज देश में लुटेरों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हो चुका है जो देश को अंदर से खोखला कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी सार्वजनिक उपक्रम बेचे जा चुके हैं और अब देश की पवित्र शिक्षा व्यवस्था को भी अपनी जेबें भरने का साधन बना लिया गया है। इस भ्रष्टाचार के कारण आज पूरा देश शर्मिंदा है। सबसे ज्यादा ठगा और शर्मिंदा वे लोग महसूस कर रहे हैं, जिन्होंने कभी भाजपा पर भरोसा करके उसे सत्ता तक पहुंचाया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिर्फ एक व्यक्ति और अपने चहेतों को बचाने के लिए पूरी सरकार देश का माहौल खराब करने और लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगी हुई है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बताया तानाशाही
इनेलो जिला अध्यक्ष अशोक ढ़ाणीमाहु ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक ढंग से विरोध कर रहे देश के भविष्य पर सरकार के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। आंसू गैस के गोले दागना, पैलेट गन चलाना, कीलदार लाठियों से पीटना और छात्राओं के कपड़े तक फाड़ देना लोकतंत्र की हत्या है। यह घटना आजाद भारत के इतिहास में पुलिसिया फासीवाद का एक अत्यंत शर्मनाक और काला अध्याय है।
उन्होंने कहा कि अपने हितों की आवाज उठा रहे बच्चों पर बर्बरतापूर्ण लाठियां बरसाई गईं। किसी के पैर तोड़ दिए गए, किसी के हाथ तो किसी का सिर लहूलुहान कर दिया गया, जो कि सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये का प्रमाण है।
सड़क से संसद तक लड़ाई की चेतावनी
इनेलो युवा जिला अध्यक्ष संदीप घणघस ने कहा कि बार-बार होते पेपर लीक, संस्थागत धांधली और भ्रष्टाचार ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। आज स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि पेपर लीक और बेरोजगारी से हतोत्साहित होकर होनहार युवा आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। इनेलो ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने युवाओं की न्यायसंगत मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पार्टी देश के युवाओं और छात्रों के अधिकार की लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक और तीव्र करेगी।
इस अवसर पर हनुमान प्रसाद गुप्ता, धर्मपाल ओबरा, ओमप्रकाश गौरा, सुनील लांबा, अनिल पंघाल, भूप बैराग, कृष्ण मिताथल, सरोज श्योराण, इंदु परमार, शारदा मिश्रा, कृष्ण बैरागी, दिलबाग चेयरमैन, राय सिंह बैरागी, आनंद सांगवान, रण सिंह श्योराण, राजेंद्र डीएसओ, सूरजभान एसडीओ, भूपेंद्र कोच, बंटी तंवर, पूर्ण जांगड़ा, जगराम, दिनेश नंबरदार, सोनू दुन, संदीप सांगवान, सोनू ग्रेवाल, अनिल सांगवान, अनिल काठपालिया, राजेश पुनिया व सुभाष धानक सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।


