Business Desk – देश के सबसे चर्चित IPO में शामिल SBI Funds Management IPO 14 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है. इश्यू खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. पिछले दो दिनों में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 5% बढ़ गया है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है. 11,692.91 करोड़ रुपए के इस मेगा IPO में निवेशक 16 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे. कंपनी के शेयर 21 जुलाई को NSE और BSE पर लिस्ट होने की संभावना है.

दो दिन में 5% उछला GMP
SBI Funds Management IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार मजबूत हो रहा है. 9 जुलाई को इसका GMP 84 रुपए था, जो इश्यू के कैप प्राइस के मुकाबले करीब 14.6% प्रीमियम पर था. 11 जुलाई तक GMP बढ़कर 110 रुपए पहुंच गया. यानी दो दिनों में इसमें 26 रुपए यानी करीब 5% की बढ़ोतरी हुई. मौजूदा GMP इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 19.1% प्रीमियम को दर्शाता है.
11,692 करोड़ रुपए का पूरी तरह OFS इश्यू
यह 11,692.91 करोड़ रुपए का बुक-बिल्ट IPO है. यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित इश्यू है, जिसमें करीब 20.37 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे. कंपनी इस IPO के जरिए कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है.
प्राइस बैंड और निवेश की पूरी जानकारी
SBI Funds Management IPO का प्राइस बैंड 545 से 574 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है. एक लॉट में 26 शेयर होंगे. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को कम से कम 14,924 रुपए का निवेश करना होगा.
कौन बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी?
इस IPO में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपनी करीब 12,83,34,397 शेयर यानी लगभग 6.3% हिस्सेदारी बेचेगा. वहीं Amundi India Holding करीब 7,53,74,842 शेयर यानी लगभग 3.7% हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचेगी.
देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी
SBI Funds Management भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) है. कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में शामिल CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक म्यूचुअल फंड के तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) के आधार पर कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 15.3% रही.
दो साल में QAAUM में मजबूत ग्रोथ
मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच कंपनी के म्यूचुअल फंड QAAUM में 16.97% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की गई. 31 मार्च 2026 तक कंपनी का म्यूचुअल फंड QAAUM बढ़कर 12,509.98 अरब रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले यह 10,729.49 अरब रुपए था. अगर पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS), एडवाइजरी और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) कारोबार को भी शामिल किया जाए तो कंपनी का कुल QAAUM 29,461.05 अरब रुपए तक पहुंच जाता है.
कम खर्च, बेहतर मुनाफे की क्षमता
SBI Funds Management की सबसे बड़ी ताकत इसका कम ऑपरेटिंग खर्च है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेशियो (OER) केवल 0.08% रहा, जो भारत की शीर्ष 10 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में सबसे कम है. इसके मुकाबले अन्य बड़ी AMC कंपनियों का ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेशियो 0.10% से 0.25% के बीच रहा. कम लागत कंपनी की बेहतर परिचालन क्षमता और मजबूत मार्जिन को दर्शाती है.
निवेशकों के लिए क्या मायने?
GMP में लगातार बढ़ोतरी, देश की सबसे बड़ी AMC का दर्जा, मजबूत बाजार हिस्सेदारी, तेज QAAUM ग्रोथ और कम ऑपरेटिंग खर्च जैसे फैक्टर SBI Funds Management IPO को बाजार के सबसे चर्चित इश्यू में शामिल कर रहे हैं. हालांकि, IPO में निवेश का फैसला लेने से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और अपनी जोखिम क्षमता का भी आकलन जरूर करना चाहिए.

