Lalluram Desk. रात को गहरी नींद में सपने तो सभी देखते हैं। कभी कोई डरावना स्वप्न आ जाता है, तो कभी दिनभर की बातें ही दिमाग में घूमती रहती हैं। लेकिन बहुत बार ऐसा होता है कि हमें बार-बार सपने में भगवान दिखने लगते हैं। कभी शिवजी की मूर्ति दिखती है, कभी मंदिर की सीढ़ियां, तो कभी कोई देवी-देवता आशीर्वाद देते नज़र आते हैं। जब ऐसा एक-दो बार नहीं बल्कि सप्ताह में कई बार होने लगे तो मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ हमारे दिमाग का वहम है, या सच में भगवान हमें कोई इशारा दे रहे हैं? इस तरह के सपनों का असल में क्या मतलब होता है और ऐसा होने पर क्या करना चाहिए।

1. मन में चल रही किसी बड़ी उलझन का जवाब

अक्सर हम जब किसी बहुत बड़ी परेशानी से जूझ रहे होते हैं और कोई रास्ता नहीं सूझता तब हमारे दिल के किसी कोने में भगवान का ही सहारा होता है। जब मन ही मन भगवान को याद कर रहे होते हैं तो वही आस्था आपके सपनों में ढलकर सामने आती है। सपने में भगवान का दिखना इस बात का संकेत होता है कि अब बेवजह घबराने की ज़रूरत नहीं है। आपका मन आपको यह भरोसा दिला रहा होता है कि सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा।

2. कोई रुकी हुई बात या पुराना काम पूरा होने का समय

बड़े-बुजुर्ग हमेशा कहते हैं कि सपने में मंदिर जाना या भगवान के दर्शन होना शुभ होता है। अगर सपने में प्रभु मुस्कुराते हुए दिखें तो यह इशारा माना जाता है कि रुके हुए काम अब रफ्तार पकड़ेंगे। अगर लंबे समय से किसी फैसले का इंतज़ार कर रहे थे या कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे थे। तो अब आगे बढ़ने का सही समय आ गया है।

3. सपने में भगवान के बार-बार आने का एक बड़ा कारण

जाने-अनजाने कोई मन्नत मांगी थी या कोई वादा किया था। जिसे समय के साथ हम भूल गए। यह सपना एक तरह का याद दिलावा होता है कि अपने वादे को पूरा करें और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में थोड़ी सच्चाई और ईमानदारी रखें।

4. बड़ी खुशी का संकेत

    कई बार जब जिन्दगी में कोई बहुत बड़ा मोड़ आने वाला होता है जैसे नई नौकरी नया कारोबार या परिवार में कोई बड़ी खुशी तब भी इस तरह के सपने आते हैं। यह दिखाता है कि पुराना मुश्किल दौर अब खत्म होने जा रहा है और एक नई शुरुआत होने वाली है।

    ऐसे सपने के बाद करें भगवान का स्मरण

    1. सुबह उठकर हाथ-मुंह धोएं और शांत मन से दो मिनट भगवान को याद करें। उन्हें धन्यवाद दें कि उन्होंने आपको एक नया और अच्छा दिन दिया है।

    2. शास्त्रों और पुरानी मान्यताओं में बताया जाता है कि अच्छे और शुभ सपनों को हर किसी के सामने ढिंढोरा पीटकर नहीं बताना चाहिए। इसे अपने तक ही सीमित रखें।

    3. अगर संभव हो तो किसी भूखे को खाना खिला दें या किसी ज़रूरतमंद की छोटी-मोटी मदद कर दें। इससे मन को अलग ही सुकून मिलेगा।

    4. ऐसा होने पर डरने या बहुत ज्यादा चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं होती। यह अपने मन की शांति और भगवान में आस्था का ही एक रूप है।

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