सुमन चौहान, करनाल। कानूनी विवादों को सुलझाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नई पहल शुरू की गई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी यादव ने इंश्योरेंस कंपनियों के वकीलों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के तहत प्री लोक अदालत के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

मीनाक्षी यादव ने बताया कि जिला एडीआर सेंटर में मध्यस्थता केंद्र बना हुआ है। यहाँ प्रशिक्षित मध्यस्थ बैठते हैं। ये लोग उन मुकदमों को आपसी बातचीत से हल करवाते हैं जो कोर्ट में पेंडिंग हैं या जिन्हें पुलिस ने समझौते के लिए भेजा है। मध्यस्थता का मतलब है दो पक्षों के बीच बैठकर शांति से बातचीत करना और किसी नतीजे पर पहुँचना।

इससे सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि दोनों पक्षों के बीच लड़ाई खत्म होकर भाईचारे की भावना बढ़ती है। कानूनी लड़ाई में लगने वाला समय और पैसा दोनों ही बच जाते हैं। फैसले में किसी की जीत या हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष अपनी मर्जी से समझौता करते हैं।

कानूनी सहायता के लिए केवल जिला स्तर तक ही सीमित नहीं रहना होगा। काछवा के कम्युनिटी सेंटर में भी एक नया केंद्र बनाया गया है। अगर किसी व्यक्ति का विवाद कोर्ट पहुँचने की स्थिति में है या शुरूआती दौर में है, तो वह यहाँ आकर बात कर सकता है। अगर आपको इस बारे में कुछ और पूछना है या जानकारी लेनी है, तो आप 0184-2266138 नंबर पर फोन कर सकते हैं। यह सेवा आम लोगों के लिए है ताकि उन्हें न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

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