Business Desk – ITR Filing Rules 2026 : अगर आपको लगता है कि सालाना आय 4 लाख रुपए से कम है, इसलिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की जरूरत नहीं है, तो यह धारणा आपको मुश्किल में डाल सकती है। आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक कई ऐसी परिस्थितियां हैं, जिनमें बेसिक टैक्स छूट सीमा से कम आय होने के बावजूद भी ITR दाखिल करना अनिवार्य हो जाता है। ऐसा नहीं करने पर भविष्य में नोटिस, पेनल्टी या अन्य कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिना लेट फीस ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। आयकर विभाग के अनुसार, अब तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना रिटर्न दाखिल कर चुके हैं। ऐसे में अगर आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, तो पहले यह जरूर जान लें कि कहीं आप भी उन लोगों में तो शामिल नहीं हैं, जिनके लिए कम आय होने के बावजूद ITR भरना जरूरी है।
क्या है बेसिक टैक्स छूट की सीमा?
नई टैक्स व्यवस्था के तहत आमतौर पर 4 लाख रुपए तक की सालाना आय पर इनकम टैक्स नहीं लगता, जबकि पुरानी टैक्स व्यवस्था में यह सीमा 2.5 लाख रुपए है। लेकिन आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) कुछ ऐसे मामलों का भी प्रावधान करती है, जिनमें आय इस सीमा से कम होने के बावजूद ITR दाखिल करना अनिवार्य हो जाता है।
इन 6 परिस्थितियों में कम आय पर भी भरना होगा ITR
- करंट अकाउंट में 1 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा जमा
अगर वित्त वर्ष के दौरान आपने अपने एक या एक से अधिक करंट अकाउंट में कुल 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक नकद जमा किए हैं, तो आपको ITR दाखिल करना होगा, भले ही आपकी आय टैक्स छूट सीमा से कम हो।
- विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपए से ज्यादा खर्च
यदि आपने अपने या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर, जैसे हवाई टिकट, टूर पैकेज या अन्य यात्रा खर्चों पर 2 लाख रुपए से अधिक खर्च किया है, तो भी ITR भरना अनिवार्य होगा।
- बिजली का बिल 1 लाख रुपए से ज्यादा
अगर पूरे वित्त वर्ष में आपके नाम पर 1 लाख रुपए से अधिक का बिजली बिल आया है, तो आय कम होने के बावजूद आपको इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा।
- TDS या TCS तय सीमा से ज्यादा कटा हो
यदि वित्त वर्ष के दौरान आपका कुल TDS या TCS 25 हजार रुपए या उससे अधिक है, तो ITR भरना जरूरी है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50 हजार रुपए तय की गई है।
- सेविंग्स अकाउंट में 50 लाख रुपए या उससे ज्यादा जमा
अगर एक वित्त वर्ष में आपके एक या एक से अधिक बचत खातों में कुल 50 लाख रुपए या उससे अधिक जमा हुए हैं, तो भी आपको ITR दाखिल करना होगा।
- विदेश में संपत्ति या बैंक खाते से जुड़ाव
यदि आप भारत के निवासी हैं और आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, विदेशी वित्तीय निवेश है या किसी विदेशी बैंक खाते में साइनिंग अथॉरिटी है, तो आपकी आय चाहे कितनी भी हो, ITR भरना अनिवार्य होगा।
कम आय होने पर भी ITR भरने के बड़े फायदे
भले ही आप इन अनिवार्य नियमों के दायरे में नहीं आते हों, फिर भी ITR दाखिल करना आपके लिए कई मामलों में फायदेमंद साबित हो सकता है।
लोन मिलने में आसानी
होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते समय ITR सबसे मजबूत आय प्रमाण (Income Proof) माना जाता है। नियमित ITR दाखिल करने वालों को बैंक और वित्तीय संस्थानों से लोन मिलने में आसानी होती है।
वीजा आवेदन में मदद
अमेरिका, ब्रिटेन और कई यूरोपीय देशों सहित कई देशों के वीजा आवेदन में पिछले 2 से 3 वर्षों का ITR मांगा जाता है। ऐसे में नियमित ITR आपके विदेश यात्रा के प्लान को आसान बना सकता है।
TDS रिफंड पाने का एकमात्र तरीका
अगर आपकी आय पर TDS कट चुका है और वास्तविक टैक्स देनदारी नहीं बनती, तो रिफंड प्राप्त करने के लिए ITR दाखिल करना जरूरी है। बिना रिटर्न भरे आपको TDS वापस नहीं मिलेगा।
नुकसान को भविष्य में एडजस्ट करने की सुविधा
अगर आपको शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या कारोबार में नुकसान हुआ है, तो समय पर ITR दाखिल करने पर उस नुकसान को भविष्य के मुनाफे से समायोजित (Set-off) करने का लाभ मिल सकता है।
31 जुलाई की डेडलाइन न करें मिस
31 जुलाई 2026 बिना लेट फीस ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख है। अगर आपकी आय टैक्स छूट सीमा से कम है, तब भी यह जांच लेना जरूरी है कि कहीं आप आयकर विभाग के इन छह नियमों में से किसी एक के दायरे में तो नहीं आते। समय पर ITR दाखिल करने से न केवल कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है, बल्कि लोन, वीजा, टैक्स रिफंड और भविष्य की वित्तीय जरूरतों में भी इसका बड़ा फायदा मिलता है।


