Jaipur Leaning Building: राजस्थान की राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक एक ओर झुक गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।

बांस बदनपुरा के मोहल्ला टिक्कीगरान में करीब 30 गज के प्लॉट पर बना यह मकान अब इटली की मशहूर लीनिंग टॉवर ऑफ पीसा जैसा दिखाई देने लगा है। दीवारों में गहरी दरारें आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन इमारत को खाली कराकर आसपास की तीन गलियों को सील कर दिया है।

दीवारों में आईं दरारें, झुकने लगा पूरा मकान

गुरुवार को अचानक मकान की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और पूरी इमारत एक तरफ झुकने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और नगर निगम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस, सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीम ने राहत अभियान चलाकर इमारत में रह रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

40 किरायेदारों को निकाला, मकान मालकिन का अलग दावा

स्थानीय लोगों का दावा है कि जर्जर इमारत में 40 से अधिक किरायेदार रह रहे थे, जबकि मकान मालकिन रेहना सुल्ताना का कहना है कि भवन में केवल 5 से 6 किरायेदार ही रह रहे थे। प्रशासन ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।

तीन गलियां सील, 24 घंटे में तोड़ने का नोटिस

संभावित हादसे को देखते हुए प्रशासन ने आसपास की तीन गलियों में बैरिकेडिंग कर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। नगर निगम ने मकान मालिक को 24 घंटे के भीतर स्ट्रक्चरल एक्सपर्ट की निगरानी में जर्जर भवन को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया है।

पीसा की मीनार से हो रही तुलना

मकान के एक ओर झुक जाने के कारण इसकी तुलना इटली की प्रसिद्ध लीनिंग टॉवर ऑफ पीसा से की जा रही है। हालांकि, जहां पीसा की मीनार इंजीनियरिंग और इतिहास का प्रतीक है, वहीं जयपुर का यह मकान जर्जर निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का उदाहरण माना जा रहा है।

जर्जर इमारतों पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मकान लंबे समय से जर्जर स्थिति में था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि पुराने शहर में ऐसे कई जर्जर भवन हैं, जिनका समय पर सर्वे और सुरक्षा ऑडिट नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

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