Jaipur UGC Protest: जयपुर में यूजीसी से जुड़े नए नियमों के विरोध में निकली श्री राजपूत करणी सेना की रैली में शामिल कार्यकर्ता देवराज सिंह की मौत के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से गरमा गया है। करणी सेना ने पुलिस कार्रवाई को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को तेज किया जाएगा।

महिपाल सिंह मकराना ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

जयपुर के राजपूत सभा भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन और बल प्रयोग किया। उनका दावा है कि वाटर कैनन की तेज बौछार लगने से देवराज सिंह की तबीयत बिगड़ी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी बल प्रयोग किया गया। मकराना के अनुसार प्रशासन बातचीत का भरोसा देता रहा, जबकि दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दबाव बनाया गया।

न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

करणी सेना ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि जिम्मेदारी तय हो सके।

निकाय और पंचायत चुनाव में विरोध का ऐलान

महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि यूजीसी नियमों के विरोध में अब पूरे राजस्थान में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों में सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा। उनके अनुसार यह आंदोलन किसी एक समाज का नहीं बल्कि विभिन्न वर्गों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।

पुलिस ने आरोपों से किया इनकार

दूसरी ओर जयपुर पुलिस ने करणी सेना के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि रैली की अनुमति केवल कलेक्ट्रेट तक थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीमित बल प्रयोग किया गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में देवराज सिंह की मौत का कारण लाठीचार्ज या वाटर कैनन नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ना सामने आया है। मामले की जांच जारी है।

ओबीसी समाज से था देवराज

महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि देवराज सिंह डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव के निवासी थे और ओबीसी समाज से आते थे। उन्होंने कहा कि देवराज समाज को बांटना नहीं चाहते थे और देश के मुद्दों को लेकर आंदोलन में शामिल हुए थे। संगठन ने कहा कि अब परिवार के लिए हर संभव मदद की जाएगी।

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