रांची। डुमरी विधायक जयराम महतो और बरवाअड्डा थानेदार के बीच विवाद अब राजनीतिक और पुलिस महकमे तक पहुंच गया है। पुलिस मेंस एसोसिएशन की ओर से विधायक से माफी मांगने की मांग के बावजूद जयराम महतो ने साफ कर दिया है कि वह माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों और व्यवस्था में सुधार के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
प्रभात खबर से बातचीत में जयराम महतो ने वायरल ऑडियो, अपने तल्ख तेवर, थानों की कार्यशैली, पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप और भविष्य की राजनीति को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
वायरल ऑडियो पर बोले- आवाज को काट-छांटकर किया गया वायरल
बरवाअड्डा थानेदार के साथ बातचीत के वायरल ऑडियो पर सफाई देते हुए जयराम महतो ने दावा किया कि 2 मिनट 51 सेकंड का ऑडियो पूरी बातचीत नहीं है। उनके मुताबिक, ऑडियो में करीब 50 प्रतिशत आवाज ही उनकी है, जबकि बाकी हिस्से को काट-छांटकर और आगे-पीछे एडिट कर वायरल किया गया है।
हालांकि, उन्होंने अपने तीखे लहजे को लेकर कहा कि परिस्थितियां ही भाषा तय करती हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेगी तो उनके साथ भी तीखे अंदाज में बात करने की स्थिति नहीं बनेगी।
उन्होंने थानों के बाहर एक पारदर्शी ‘रिव्यू सिस्टम’ बनाने का सुझाव भी दिया, जिससे पुलिस की कार्यशैली और जनता की संतुष्टि का निष्पक्ष आकलन किया जा सके।
‘माननीय बनने से पहले मैं एक इंसान हूं’
भाषा की मर्यादा को लेकर सवाल पूछे जाने पर जयराम महतो ने कहा कि विधायक बनने से पहले वह एक सामान्य इंसान हैं। उनका दावा है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच, मीडिया इंटरव्यू, विधानसभा या सामाजिक कार्यक्रम में अपशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया।
उन्होंने कहा कि वायरल हुई बातचीत निजी संवाद का हिस्सा थी। थानों की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां गाली-गलौज आम बात है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नकारात्मक माहौल में उनका व्यवहार आक्रामक हो जाता है।
गणेश दास मामले से शुरू हुआ विवाद
जयराम महतो के मुताबिक, बरवाअड्डा थाने से जुड़ा पूरा विवाद गणेश दास नामक एक व्यक्ति के मामले से शुरू हुआ। उनका आरोप है कि पुलिस ने गणेश दास के साथ मारपीट की, जिससे उसकी छोटी उंगली टूट गई।उनके अनुसार, JLKM के प्रतिनिधि जब पुलिस को मारपीट से रोकने पहुंचे तो विवाद बढ़ गया और तीखी बहस शुरू हो गई।
जयराम महतो ने दावा किया कि अपने करीब पौने दो साल के कार्यकाल में वह जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर थाना प्रभारी से लेकर एसपी स्तर तक के करीब 25 पुलिस अधिकारियों से सीधे बहस कर चुके हैं।
JMM और BJP नेताओं के समर्थन का दावा
राजनीतिक समर्थन को लेकर जयराम महतो ने दावा किया कि उन्हें सत्ता पक्ष JMM और विपक्ष BJP, दोनों ओर से समर्थन मिल रहा है।उन्होंने कहा कि JMM के करीब 15-16 मौजूदा और पूर्व विधायकों तथा राज्य स्तर के नेताओं के व्हाट्सऐप संदेश उन्हें मिले हैं, जिनमें उनके रुख की सराहना की गई है।
विधायक ने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी के इकलौते विधायक होने के कारण वह व्यवस्था के खिलाफ बेखौफ होकर आवाज उठा पाते हैं, लेकिन इसी वजह से उन्हें निशाना बनाना भी आसान है।
‘भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई जारी रहेगी’
जयराम महतो ने कहा कि थाना, अंचल कार्यालय और प्रखंड स्तर पर कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि थानेदार ने स्थानीय लोगों को शराब पिलाकर थाने के बाहर उनके खिलाफ हूटिंग कराई।
उन्होंने इसे विधायक के प्रोटोकॉल और गरिमा का उल्लंघन बताया। पुलिस एसोसिएशन की ओर से माफी, गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि ये मांगें कानूनी तौर पर बेतुकी हैं।
‘किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगूंगा’
जयराम महतो ने दोटूक कहा कि वह किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने अपने रुख को क्षेत्रीय स्वाभिमान से जोड़ते हुए कहा कि माफी मांगना तोपचांची की उस ‘लालखंड’ की मिट्टी का अपमान होगा, जिसने विनोद बिहारी महतो, शिबू सोरेन और शिवा महतो जैसे नेताओं को जन्म दिया।उन्होंने कहा कि सिर कट जाना मंजूर है, लेकिन इस मिट्टी के स्वाभिमान को झुकने नहीं देंगे।


