Jaisalmer OBC Survey: राजस्थान के जैसलमेर जिले में Jaisalmer OBC Survey पूरा होने के बाद स्थानीय राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देश पर हुए इस सर्वे में जिले के 83,460 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) परिवारों का डिजिटल डेटा तैयार किया गया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनावों में आबादी के अनुपात से OBC आरक्षण तय होने की संभावना जताई जा रही है।

राजधारा ऐप से हुआ डिजिटल सर्वे

आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, जैसलमेर के सहायक निदेशक राजेंद्र मेघवाल ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार सर्वे निर्धारित समय में पूरा कर लिया गया है। पहले यह सर्वे 10 जुलाई से 23 जुलाई तक होना था। हालांकि, बाद में आयोग ने इसकी समय-सीमा बढ़ाकर 26 जुलाई कर दी। पूरा सर्वे राजधारा ऐप के माध्यम से किया गया। इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी (VDO), पटवारी, बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।

घर-घर जाकर जुटाई गई जानकारी

सर्वे के दौरान जैसलमेर, पोकरण, भणियाणा और फतेहगढ़ उपखंडों के साथ जैसलमेर नगर परिषद और पोकरण नगरपालिका क्षेत्र में घर-घर जाकर जानकारी जुटाई गई।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में OBC परिवार: 76,259
  • शहरी क्षेत्रों में OBC परिवार: 7,201
  • कुल OBC परिवार: 83,460

राजेंद्र मेघवाल ने बताया कि अब चारों उपखंड अधिकारियों से प्रमाण-पत्र लिया जाएगा कि कोई भी पात्र परिवार सर्वे से नहीं छूटा है। इसके बाद अंतिम सत्यापित रिपोर्ट राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजी जाएगी।

पहले के अनुमान से अधिक निकली संख्या

जानकारों के अनुसार, पहले जैसलमेर जिले में OBC परिवारों की संख्या करीब 67 हजार मानी जा रही थी। लेकिन नए सर्वे में यह संख्या बढ़कर 83,460 दर्ज हुई है। स्थानीय स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि जिले के OBC वर्ग में मुस्लिम समुदाय से जुड़े परिवारों की हिस्सेदारी अधिक है। हालांकि, 60 से 70% हिस्सेदारी का यह दावा आधिकारिक सर्वे रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आरक्षण व्यवस्था में क्या बदल सकता है?

अब तक नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं में OBC आरक्षण का निर्धारण लॉटरी प्रणाली से किया जाता था। इससे कई बार ऐसे वार्ड भी OBC के लिए आरक्षित हो जाते थे, जहां उनकी आबादी कम होती थी। अब Jaisalmer OBC Survey के आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण तय किए जाने की संभावना है। उदाहरण के तौर पर, 45 वार्डों वाली जैसलमेर नगर परिषद में करीब 21% आरक्षण लागू होने पर लगभग 9 वार्ड OBC वर्ग के लिए आरक्षित हो सकते हैं। प्राथमिकता उन वार्डों को मिलने की संभावना है, जहां OBC आबादी अधिक है।

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