जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद से जुड़े मामले में रविवार को प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JEI) के खिलाफ सोपोर में 26 जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया. UAPA के तहत हुई इस बड़ी कार्रवाई का मकसद प्रतिबंधित संगठन के नेटवर्क को खंगालना और पुख्ता सबूत जुटाना है. अधिकारियों ने बताया कि ये तलाशी अभियान सबूत इकट्ठा करने और प्रतिबंधित जेईआई नेटवर्क के लिंक का पता लगाने की जांच का हिस्सा हैं.
प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े मामले की जांच के तहत सोपोर पुलिस ने रविवार को तलाशी जेईआई के नेताओं, सदस्यों और कार्यकर्ताओं से जुड़े आवासीय एवं अन्य परिसरों में चलाई.
अधिकारियों ने बताया कि ये तलाशी अभियान सबूत इकट्ठा करने और प्रतिबंधित जेईआई नेटवर्क के लिंक का पता लगाने की जांच का हिस्सा हैं. यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज एक मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है.
पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमों ने रविवार सुबह सोपोर के सादिक कॉलोनी, बोमई, गोरीपोरा, तरजू, शुटलू रोहामा और रफियाबाद के बेहरामपोरा समेत कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया. अभियान के दौरान इन स्थानों से आपत्तिजनक दस्तावेज, साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद कर जब्त किए गए हैं. जब्त सामग्री की जांच की जा रही है जिससे कि संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके.

जमात-ए-इस्लामी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत एक गैर-कानूनी संगठन घोषित किया था. यह कार्रवाई 2019 के पुलवामा हमले के बाद की गई थी. जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर का गठन 1950 के दशक में एक अलग शाखा के रूप में हुआ था, जो सैयद अबुल आला मौदूदी की इस्लामी शिक्षाओं से प्रभावित थी.
सोपोर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इफ्तिखार तालिब ने भी तलाशी अभियान की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि UAPA के तहत दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली जा रही है.
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