Jamshedpur Crime: नशा माफियाओं के विरोध की कीमत जान देकर चुकाई, फायरिंग में घायल आफताब आलम की मौत, बर्मामाइंस में बवाल

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले शांति समिति के सदस्य आफताब आलम ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी। रविवार रात बदमाशों की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए आफताब की मंगलवार सुबह कोलकाता के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मौत के बाद भड़का गुस्सा, सड़क जाम कर प्रदर्शन

आफताब आलम की मौत के विरोध में स्थानीय लोगों ने बर्मामाइंस थाना रोड समेत कई स्थानों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक सभी आरोपित गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक आफताब का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालात को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

शरीर में लगी थीं सात गोलियां

जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 8:55 बजे रेलवे कंटेनर यार्ड के पास आफताब आलम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। गंभीर हालत में उन्हें पहले टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के फोर्टिस अस्पताल रेफर किया गया।

डॉक्टरों ने देर रात तक ऑपरेशन किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों के अनुसार, आफताब के शरीर में सात गोलियां लगी थीं, जबकि एक अन्य गोली का जख्म भी मिला।

हत्या की धाराएं जुड़ेंगी, आरोपी अब भी फरार

घटना के बाद घायल की पत्नी सलमा कादरी की शिकायत पर बर्मामाइंस थाने में शहवाज उर्फ भोंदू, मोहम्मद रेहान, अयान, उदय महतो, इमरान, मोहम्मद समद, रानी परवीन, अंगूरी बेगम, कुलसीम बीबी, बुगली समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

अब आफताब की मौत के बाद केस में हत्या की धाराएं जोड़ी जाएंगी। पुलिस सभी आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

“आज आफताब को मार देंगे…” कहकर बरसाईं गोलियां

एफआईआर के अनुसार, घटना के समय दो बाइक पर सवार छह बदमाश रेलवे कंटेनर यार्ड पहुंचे। आरोप है कि मुख्य आरोपी शहवाज उर्फ भोंदू ने पहले फिरोज खान से कहा, “बड़े पापा हट जाइए… आज आफताब को मार देंगे।” इसके बाद शहवाज, उदय महतो और मोहम्मद रेहान ने आफताब पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

नशा मुक्ति अभियान बना मौत की वजह

आफताब आलम की पत्नी सलमा कादरी का आरोप है कि उनके पति लंबे समय से इलाके में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वे युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करते थे और अवैध कारोबार का खुलकर विरोध करते थे। इसी कारण उन्हें पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां मिली थीं।

परिजनों का आरोप है कि यह हमला सुनियोजित साजिश के तहत कराया गया।

नशे के नेटवर्क की भी होगी जांच

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शहवाज उर्फ भोंदू और उसके सहयोगियों का आपराधिक इतिहास रहा है। उनका नाम नशे के अवैध कारोबार से भी जुड़ता रहा है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पूरे आपराधिक नेटवर्क और घटना की साजिश की भी गहन जांच कर रही है।