पटना। बिहार में होने वाले शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के विधान परिषद (MLC) चुनावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। आगामी एक-दो महीनों में प्रस्तावित इन चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। जन सुराज पार्टी ने मौजूदा मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए चुनाव आयोग से इसमें तत्काल बदलाव की मांग की है।
प्रक्रिया पर उठे सवाल
पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जिस तरह विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए निर्वाचन आयोग खुद घर-घर जाकर पारदर्शी तरीके से मतदाता सूची तैयार करता है, वही व्यवस्था एमएलसी चुनावों में भी लागू होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बार 15 नवंबर 2025 तक आवेदन प्रक्रिया पूरी कर 31 दिसंबर 2025 तक सूचियों की घोषणा की गई थी। आयोग यदि खुद सूची बनाए तो सभी दलों और उम्मीदवारों को तैयारी के लिए समान अवसर मिलेंगे।
वन नेशन, वन इलेक्शन रोल की वकालत
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि पार्टी के पास कई जगहों से मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायतें आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी सीधे तौर पर जानबूझकर गड़बड़ी का आरोप नहीं लगा रही है, लेकिन मतदाता सूची की शुचिता और पारदर्शिता ही लोकतंत्र का मूल आधार है। पंचायत से लेकर लोकसभा तक अलग-अलग सूचियां होने से विसंगतियां आती हैं। इसलिए पार्टी ने वन नेशन, वन इलेक्शन रोल की अवधारणा का समर्थन करते हुए एक समन्वित चुनावी सूची की जोरदार वकालत की है। केंद्रीय चुनाव आयोग से इस दिशा में नीतिगत बदलाव करने की अपील की गई है ताकि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।



