Bihar News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान हुए मारपीट को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक युवक ने एक पॉडकास्ट के दौरान ऐसा बयान दे दिया है, जिसपर कल गुरुवार से सियासी हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल युवक ने पॉडकास्ट में बिना किसी झिझक के खुलेआम यह कहता हुआ नजर आया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उसने निशु आजाद (सीजेपी कार्यकर्ता) के पिता जिनका नाम संजय कुमार बताया जा रहा है, उसकी पिटाई की थी। उसके सिर में 7 टाके लगे थे, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया। उसका संबंध बड़े नेताओं के साथ है। अब इस मुद्दे पर राजद सांसद मनोज झा की प्रतिक्रिया सामने आई है।

राजद सांसद मनोज झा का बयान

मनोज झा ने कहा कि, जिस शख्स ने खुद से इस बात को कबूल किया है, उसकी वीडियो भी मैंने देखी। एक व्यक्ति खुलेआम कह रहा है कि वो कितना रसूख़दार है, फलाना व्यक्ति उसके भैया हैं, जिसमें उसने किसी को नहीं बख्शा है। ऊपर से लेकर मध्यम स्तर तक सभी लोग इसमें शामिल हैं, तो फिर इसमें कहने को कुछ नहीं बचता है। इसमें राहुल गांधी के संज्ञान लेने से पूर्व, स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई होनी चाहिए थी।

पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे सीजेपी नेता

मामले में आज शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका अपनी नेता निशु आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग करने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस दौरान उनका साथ देने के लिए नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण भी थाने पहुंचे।

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हमारी साथी निशु के पिता संजय के साथ मारपीट हुई, उनका सिर फोड़ा गया। खुलेआम ये घटना हुई। लगातार हमारी टीम सौरव और हमारी पूरी टीम दिल्ली पुलिस से मांग करती रही कि इन गुंडों को आप गिरफ्तार करें, इन पर हत्या के प्रयास का चार्ज लगाएं लेकिन दिल्ली पुलिस सोती रही। अब देश की राजधानी में हालात ऐसे हो गए हैं कि गुंडे ये खुलेआम कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने संजय का सिर फोड़ा, पूरी कोशिश थी उन्हें जान से मारने की। खुद कबूल कर रहे हैं कि उस पर हत्या के प्रयास का केस बनता था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा और भाजपा के गुंडों की शय पर उस व्यक्ति के साथ कुछ नहीं किया।

आशुतोष रांका ने कहा कि, आज देश के लिए, हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है जहां पर खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले लोग दावा करते हैं कि उन्होंने किसी को जान से मारने का प्रयास किया लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमारी पूरी टीम निशु और उनके पिता, संजय के साथ पहले दिन से खड़ी रही है। हम दिल्ली पुलिस से मांग करेंगे कि इन गुंडों को, जिन्होंने खुद की पहचान बताई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए, उन पर हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई जाएं, जितनी भी संगीन धाराएं उन पर लगती हैं, लगाई जाएं।

स्वतंत्र भारद्वाज ने दी सफाई

विवाद बढ़ता देख स्वतंत्र भारद्वाज का भी बयान सामने आया है। उसने वीडियो जारी कर कहा है कि, लोग जिसे हमला कह रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा था। अगर मैंने आत्मरक्षा में ऐसा नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे पीट-पीटकर मार सकती थी या मेरी हत्या हो सकती थी। मेरे पास वीडियो सबूत हैं। मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तो उनके सिर पर चोट लग गई। दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। अभी भी जांच चल रही है और मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं।

वायरल पॉडकास्ट क्लिप को बताया नकली

स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि, राहुल गांधी और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप नकली है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव के कारण छोड़ा गया, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों की तरह हैं। लोगों को समझना चाहिए कि क्या बात व्यंग्य में कही गई थी।

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