कुंदन कुमार, पटना। भारत की जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर सियासी बहस जारी है। भारत सरकार का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% रही है। सरकार के इस दावे भारत सरकार के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाया हैं। उनका कहना है कि भारत की GDP ग्रोथ वास्तव में 2.6% ही है। इस बीच जीडीपी के आंकड़े को लेकर जनसुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर का बयान सामने आया है।

GDP के आकड़ों पर दिया बड़ा बयान

गयाजी में मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि, सरकार द्वारा पिछले जीतने भी GDP को लेकर आकंडें जारी किए गए हैं, उनपर गंभीर सवाल विशेषज्ञों ने उठाए हैं। इस बार तो सरकार के पूर्व वित्त सचिव ने ही सवाल उठाए हैं। पीके ने कहा कि, अगर दावों को छोड़ भी दिया जाए तो आज हालत क्या है? क्योंकि सरकार दावे कर रही है कि बहुत बेहतर स्थिति है, लेकिन लोगों को नौकरी नहीं मिल रही है। मजदूर, किसान, छात्रों को अपनी स्थिति बेहतर नहीं दिख रही है। लोग धरातल पर खुश दिखेंगे तभी न आकड़ें सही माने जाएंगे।

शिक्षा और शिक्षकों की स्थिति पर कसा तंज

इस दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा-शिक्षकों की स्थिति पर भी तंज कसा और कहा कि, बिहार में शिक्षकों की स्थिति तब सुधरेगी, जब बिहार में शिक्षा की स्थिति सुधरेगी। बिहार के समाज-सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा नहीं है। पीके ने कहा कि, जनसुराज की सोच है कि अगर बिहार को फिर से सुधारना है और फिर से देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है, तो उसके लिए जरूरी है कि बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाया जाए। ज्ञान की भूमि से मतलब है कि बिहार में शिक्षा और शिक्षकों को सबसे ऊपर बैठाया जाए, उनका सम्मान हो और उनकी महत्व को समाज समझे।

नया CEO नियुक्त करने से मामला खत्म नहीं- पीके

पीके ने राम मंदिर के नए CEO नियुक्त किए गए जितेंद्र मिश्रा पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि, नए व्यक्ति को नियुक्त करने से मामला खत्म नहीं होने वाला है। सरकार को यह बताना चाहिए कि देश के हिंदुओं के इतने बड़े आस्था के केंद्र राम मंदिर में इतनी बड़ी चोरी-गबन का आरोप है। उसपर कार्रवाई होनी चाहिए।

ये भी पढ़ें- ‘अब तो तू और पिटेगी’, दिल्ली में महिला पत्रकारों से मारपीट पर सियासत गर्म, तेजस्वी ने BJP को घेरा