शामली. उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या के बाद अब इस मामले ने सियासी रंग ले लिया है. अंकित की हत्या को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं का बंतीखेड़ा गांव पहुंचना जारी है. बीजेपी के पूर्व सांसद संजीव बालियान समेत कई स्थानीय नेता अंकित के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. वहीं, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी घटना पर दुख जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी.

अब जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हत्या के मामले में जातीय राजनीति किए जाने को असंवेदनशील बताया है.

इसे भी पढ़ें- बाढ़ से बेहाल यूपीः 16 जिले डूबे, 47 में बारिश का अलर्ट; नदी में बहे मां-बेटे

जयंत बोले- हत्या में जाति तलाशना संवेदनहीनता

जयंत चौधरी ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि किसी भी अपराध में पीड़ित परिवार के साथ सभ्य समाज की संवेदना और पूरा समाज खड़ा होता है. उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में मृतक की जाति तलाशना और यह कहना कि उसकी जाति के लोगों में आक्रोश है, अपने आप में संवेदनहीनता है. जयंत ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में विचार, जाति और क्षेत्र जैसे सभी भेदों से ऊपर उठकर मानवीय रिश्तों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

बोले- परिवार को न्याय मिलना जाति का मुद्दा नहीं

RLD प्रमुख ने अंकित बालियान के परिवार को न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा कि यह किसी एक जाति या गोत्र का विषय नहीं है. उनके मुताबिक, अंकित के परिवार को न्याय मिले, यह उनका और हर न्यायप्रिय व्यक्ति का मुद्दा है. जयंत के इस बयान को सीधे तौर पर अखिलेश यादव की टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. दोनों नेताओं के बयानों के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस हत्याकांड को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

अखिलेश ने जाट समाज के आक्रोश का किया था जिक्र

इससे पहले अखिलेश यादव ने अंकित बालियान की हत्या को लेकर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि शामली में लोकप्रिय गायक की कई राउंड गोलियां चलाकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है. अखिलेश ने अंकित की मां के शव को गोद में रखकर सड़क पर शोक जताने की घटना को भी हृदयविदारक बताया था. उन्होंने कहा था कि जाट समाज ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर अपनी आवाज बुलंद की है.

इसे भी पढ़ें- मेरठ में 13 साल के छात्र की पिटाई का VIDEO वायरल, 39 सेकेंड में टीचर ने जड़े 17 थप्पड़

राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के एंगल से जांच की मांग

अखिलेश यादव ने कहा था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट समुदाय इस घटना को अपने ऊपर प्रहार के रूप में देख रहा है. उन्होंने हत्याकांड की जांच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के एंगल से भी किए जाने की मांग उठाई थी. इसी बयान पर अब जयंत चौधरी ने प्रतिक्रिया दी है. जयंत के मुताबिक, हत्या के मामले को जाति या गोत्र के चश्मे से देखने के बजाय पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर ध्यान होना चाहिए.