Bihar News: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले कराए गए SIR मामले में बड़ा फैसला देते हुए इस प्रक्रिया को सही ठहराया है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने SIR को एक वैध और संवैधानिक प्रक्रिया बताया और कहा कि, यह प्रक्रिया कानूनी रूप से मान्य है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आनी भी शुरू हो गई हैं।
चुनाव आयोग ने किया सराहनीय काम- श्रवण कुमार
पूर्व सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू से विधायक और सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर कहा कि, चुनाव आयोग देशभर में निष्पक्ष रूप से काम करता है और उसकी निष्पक्षता पर कुछ लोग उंगली उठाते हैं। उन्होंने कहा कि, चुनाव आयोग ने जो काम किया है, वो सराहनीय है। चुनाव आयोग कानून के हिसाब से काम करता है। न्यायालय का फैसला सबको मान्य होता है, कोई उसपर सवाल नहीं उठा सकता है।
नीरज कुमार ने विपक्ष पर कसा तंज
वहीं, जदयू एमएलसी और पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि, विपक्ष की विभिन्न राजनीतिक पार्टियां एसआईआर को राजनीतिक मुद्दा बता रही थीं, अब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर बार-बार राजनीतिक हमले किए जा रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे मंजूरी दे दी है। विपक्ष की राजनीतिक पार्टियों को अब यह बताना चाहिए कि वे एसआईआर के खिलाफ क्यों हैं? एसआईआर के खिलाफ उनमें मनभेद और मतभेद क्यों हैं?
फेयर तरीके से कराया SIR- सुप्रीम कोर्ट
याचिकाकर्ता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि, आज सुप्रीम कोर्ट ने SIR ऊपर फैसला सुनाया है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि SIR की प्रक्रिया पूरी सही है और SIR कराना चुनाव आयोग का काम है, उन्होंने जो कराया वो बिल्कुल ठीक कराया है, जो SIR के बारे में बहुत सारी कमियां बताई गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने उस कमियों को स्वीकार नहीं किया है और कहा कि चुनाव आयोग फेयर तरीके से SIR कराया है। हमने याचिका जो की थी उसमें मांग किया था कि SIR नियमित अंतराल पर होना चाहिए। SIR हर 5 साल में होते रहना चाहिए क्योंकि एक भी विदेशी व्यक्ति का नाम है, तो वो पूरी तरीके से चुनाव आयोग के खिलाफ है।
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