अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को कोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जमीन कब्जाने की साजिश रचने के मामले में विधायक की अग्रिम जमानत याचिका पर विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में बुधवार को मैराथन सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो अब आगामी 3 जून को सुनाया जाएगा। तब तक कोर्ट ने विधायक की गिरफ्तारी पर रोक जारी रखने का आदेश दिया है।

​पटना हाईकोर्ट से बुलाए गए थे विशेष वकील

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी के लिए पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र सिंह, राजकमल, अजातशत्रु और अभिषेक राय को बुलाया गया था। स्थानीय जिला लोक अभियोजक देववंश गिरी उर्फ भानु गिरी ने भी सरकार का पक्ष रखा। वहीं, विधायक पप्पू पांडेय की ओर से गोपालगंज के वरीय अधिवक्ता शैलेंद्र तिवारी, उदय कुमार, शेख असगर और राजेश कुमार पाठक ने कोर्ट में दलीलें पेश कीं।​गौरतलब है कि इसी मामले में कोर्ट विधायक के बाहुबली भाई सतीश पांडेय, पीए राहुल तिवारी और पांच अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही खारिज कर चुका है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।

​हाई अलर्ट मोड में रही कोर्ट की सुरक्षा

​बाहुबली विधायक से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई को लेकर सिविल कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई थी। कोर्ट परिसर को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया था और आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही थी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के कई आला अधिकारी सादे लिबास में तैनात थे, जबकि कोर्ट रूम के भीतर भी पुलिस बल मुस्तैद रहा।

​जानें क्या है पूरा मामला?

​यह पूरा विवाद कुचायकोट थाने के बेलवा गांव में स्थित 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन से जुड़ा है। मीरगंज थाने के सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय ने 1 अप्रैल को कुचायकोट थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार जितेंद्र राय मुजफ्फरपुर की किरण सिन्हा के सेवक हैं। जब वह फसल की देखरेख करने बेलवा गांव गए, तो वहां मौजूद आरोपियों ने जमीन उनके नाम करने की धमकी दी। आरोपियों ने वहां बने पांच कमरों का ताला तोड़कर अपना ताला जड़ दिया और जान से मारने की नीयत से हवाई फायरिंग की।

​सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके से भोला पांडेय, गुड्डू, दीपक और नीतीश को गिरफ्तार किया था, जबकि विधायक का पीए राहुल तिवारी फरार हो गया। इस पूरे मामले में पुलिस ने विधायक पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय को मुख्य साजिशकर्ता बनाया है। अब सभी की निगाहें 3 जून को आने वाले अदालती फैसले पर टिकी हैं।

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