कुंदन कुमार, पटना। समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने फिलहाल वेट एंड वॉच की नीति अपनाई है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले कानून के असली प्रावधानों और उसके प्रारूप (Draft) का बारीकी से अध्ययन करना आवश्यक है।

​ड्राफ्ट स्पष्ट होने के बाद ही तय होगा अंतिम स्टैंड

​बिहार के उपमुख्यमंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी के अनुसार, जब तक यूसीसी का आधिकारिक और अंतिम ड्राफ्ट पूरी तरह से सामने नहीं आ जाता, तब तक पार्टी इस पर कोई हड़बड़ी में प्रतिक्रिया नहीं देगी। ड्राफ्ट के सार्वजनिक होने के बाद पार्टी कानूनी और राजनीतिक पहलुओं पर गहराई से विचार-विमर्श करेगी और उसके आधार पर ही अपना अंतिम रुख तय करेगी।

​आपत्तिजनक प्रावधानों पर केंद्र से होगी सीधी बात

​जेडीयू ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अध्ययन के दौरान ड्राफ्ट में ऐसा कोई प्रावधान सामने आता है जो बिहार के हितों या समाज के किसी विशेष वर्ग के अधिकारों के प्रतिकूल हो, तो पार्टी पीछे नहीं हटेगी। ऐसी स्थिति में पार्टी नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधा संवाद स्थापित करेगा और उन आपत्तियों को दूर कराने का हरसंभव प्रयास करेगा।

​धोपने के बजाय सर्वसम्मति पर जोर

​समान नागरिक संहिता को लेकर जेडीयू का पुराना और सैद्धांतिक रुख कायम है। पार्टी का मानना है कि यूसीसी जैसा संवेदनशील और दूरगामी परिणाम देने वाला कानून किसी पर थोपने के बजाय सभी संबंधित धार्मिक समुदायों को विश्वास में लेकर आपसी सर्वसम्मति से ही लाया जाना चाहिए। जेडीयू इस बात पर भी जोर देती है कि इस तरह के मुद्दों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ या ध्रुवीकरण के लिए बिल्कुल नहीं होना चाहिए।