कुंदन कुमार, पटना। जदयू कार्यालय के बाहर आज बुधवार (15, जुलाई) को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे, जिन्होंने प्रदर्शन करते हुए पार्टी द्वारा 6 साल के लिए निष्कासित किए गए छोटू सिंह को जदयू में वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि, छोटू सिंह जिन्होंने 25 साल से पार्टी की सेवा की है, उसे पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है, जो कि गलत है। नीतीश जी के हनुमान छोटू सिंह को पार्टी में वापस लाना चाहिए।

पार्टी ने 6 साल के लिए किया है निष्कासित

गौरतलब है कि जदयू ने पूर्व महासचिव छोटू सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पूर्व महासचिव के खिलाफ यह कार्रवाई की है। निष्कासित छोटू सिंह नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष भी थे, सरकार ने उस पद से भी उन्हें हटा दिया है। इसे लेकर जदयू के कार्यकर्ताओं में रोष है और वे छोटू सिंह को फिर से पार्टी में वापस लाने की मांग कर रहे हैं।

नई कमेटी में जगह नहीं मिलने से थे नाराज

दरअसल पूर्व महासचिव छोटू सिंह हालही में हुई जदयू की नई कमेटी विस्तार में खुद को शामिल नहीं किए जाने का विरोध कर रहे थे। बीते शुक्रवार को वह अपने समर्थकों के साथ पूर्व सीएम और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने भी पहुंचे थे। हालांकि नीतीश कुमार से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई, जिसके बाद छोटू सिंह ने वहां संजय झा के सामने ही हंगामा करना शुरू कर दिया था।

छोटू सिंह पार्टी की कमेटी में जगह नहीं मिलने से नाराज थे, जिसे लेकर वे अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। हालांकि पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

12 उपाध्यक्ष, 38 महासचिव और 74 सचिव बनाए गए

बता दें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीस कुमार के मार्गदर्शन में बनी जदयू की इस नई प्रदेश टीम में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, 38 प्रदेश महासचिव और 74 प्रदेश सचिव बनाए गए हैं। इसके साथ ही विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को एक बार फिर पार्टी का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। वहीं, पार्टी ने कुल 9 प्रदेश प्रवक्ताओं की भी नियुक्ति की है।

जदयू का कहना है कि नई टीम के गठन का उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाना है, ताकि पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

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