रांची। झारखंड में लंबे समय से आंदोलन कर रहे JPSC और JSSC अभ्यर्थियों की मांगों के समाधान और केंद्र सरकार के नए खनिज विधेयक के विरोध के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने आज शाम 4:30 बजे प्रोजेक्ट भवन में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।बैठक में आंदोलनरत छात्रों की मांगों, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार की ओर से ठोस निर्णय लिए जाने की संभावना है।

छात्र आंदोलन पर कैबिनेट में होगा मंथन

बैठक के प्रमुख एजेंडे में लंबे समय से आंदोलन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की समस्याएं शामिल हैं। सरकार छात्रों की मांगों का स्थायी और ठोस समाधान निकालने को लेकर मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा कर सकती है।प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने को लेकर भी कैबिनेट में रणनीति पर चर्चा संभव है।

नए खनिज विधेयक से 13 हजार करोड़ के नुकसान का दावा

कैबिनेट बैठक में दूसरा बड़ा मुद्दा केंद्र सरकार का नया खनिज विधेयक 2026 होगा। राज्य सरकार का दावा है कि खनिजों से सेस हटाने के प्रावधान के कारण झारखंड को हर साल करीब 13,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।सरकार का मानना है कि इसका सीधा असर राज्य की विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ सकता है। बैठक में इस मुद्दे पर झारखंड की आगे की रणनीति तय की जा सकती है।

राष्ट्रपति, पीएम और राहुल गांधी को पत्र लिख चुके हैं सीएम

खनिज विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा है।अब कैबिनेट बैठक में राज्य के हितों की रक्षा के लिए आगे की कानूनी और राजनीतिक रणनीति पर फैसला लिए जाने की संभावना है।

छात्रों की वार्ता पर भी टिकी नजर

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लंबे समय से जारी है और सरकार तथा छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। ऐसे में आज की कैबिनेट बैठक को आंदोलन के समाधान की दिशा में अहम माना जा रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कैबिनेट छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लेकर आंदोलन खत्म कराने की दिशा में कदम उठाएगी?