रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। गुरुवार को चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि आयोग के खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया कब शुरू होगी और कब तक पूरी कर ली जाएगी। अदालत ने सरकार को अगली सुनवाई तक शपथ पत्र दाखिल कर नियुक्ति की स्पष्ट समय-सीमा बताने का निर्देश दिया है।

सरकार से अदालत ने मांगा स्पष्ट जवाब

सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य के महाधिवक्ता से सवाल किया कि पूर्व में दिए गए निर्देश के बावजूद नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से जवाब अब तक क्यों दाखिल नहीं किया गया। महाधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की और कहा कि संबंधित अधिकारी से आवश्यक निर्देश लेने के बाद सरकार अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखेगी।अदालत ने समय देते हुए अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

अध्यक्ष के इस्तीफे से प्रभावित हुई भर्ती प्रक्रिया

JPSC की ओर से अदालत को बताया गया कि आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे के कारण नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही है। साथ ही मामले से संबंधित CID जांच भी चल रही है, जिसका असर भर्ती प्रक्रिया पर पड़ रहा है।

ACF और RFO परीक्षा का रिजल्ट जारी

सुनवाई में JPSC की ओर से बताया गया कि असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) और रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) के पदों के लिए मुख्य परीक्षा आयोजित हो चुकी है। इसका परिणाम भी जारी किया जा चुका है और शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख निर्धारित की जा चुकी थी।

यानी भर्ती प्रक्रिया परीक्षा और रिजल्ट के चरण से आगे बढ़ चुकी थी, लेकिन आयोग के अध्यक्ष पद के रिक्त होने और अन्य परिस्थितियों के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

सरकार ने वन विभाग की भर्ती रद्द करने की दी जानकारी

अदालत को यह भी बताया गया कि वन विभाग में संबंधित पदों पर की जा रही नियुक्ति प्रक्रिया को राज्य सरकार ने रद्द कर दिया है। इस जानकारी के बाद अब भर्ती प्रक्रिया और JPSC में खाली पदों पर नियुक्ति, दोनों को लेकर सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।

वन विभाग की नियुक्तियों से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले में सुनवाई

पूरा मामला झारखंड हाईकोर्ट द्वारा वन विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर स्वतः संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका से जुड़ा है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों का मुद्दा भी सामने आया।

अब अगली सुनवाई में सरकार को हलफनामे के जरिए बताना होगा कि JPSC में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया कब शुरू होगी और इसे पूरा करने की समय-सीमा क्या होगी।