Jharkhand Monsoon Session 2026: 6 अगस्त से मानसून सत्र, JPSC समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

रांची। झारखंड विधानसभा के 6 से 12 अगस्त तक प्रस्तावित मानसून सत्र की तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना दादेल, वित्त सचिव प्रशांत कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मानसून सत्र के सुचारु संचालन और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

अधिकारियों को समय पर जवाब देने के निर्देश

बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सदन में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर और विधेयकों की प्रतियां समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि अक्सर विधायक प्रश्नों के उत्तर और दस्तावेज समय पर नहीं मिलने की शिकायत करते हैं, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित होती है।

धरना-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस

मानसून सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के बाहर संभावित धरना-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए गए।

विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों के सदस्यों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से चलाने की अपील करते हुए उम्मीद जताई कि पिछली बार की तरह इस बार भी सदन सुचारु रूप से संचालित होगा।

JPSC समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

पांच दिवसीय मानसून सत्र में विपक्ष JPSC परीक्षा अनियमितता, छात्रों के मुद्दे और अन्य जनहित के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा छात्रों के हित में काम करती रही है। यदि विपक्ष सदन में JPSC का मुद्दा उठाता है तो सरकार तथ्यों के साथ जवाब देगी। उन्होंने कहा कि हंगामे के बजाय सार्थक चर्चा से ही छात्रों की समस्याओं का समाधान संभव है।

लंबित जवाबों पर जताई नाराजगी

राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने विभागों द्वारा लंबित जवाबों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी समय पर उत्तर उपलब्ध नहीं कराएंगे तो विधायकों की नाराजगी स्वाभाविक है।

1,390 सरकारी आश्वासन अब भी लंबित

बैठक में यह भी सामने आया कि झारखंड विधानसभा में सरकार द्वारा दिए गए 1,390 आश्वासनों पर अब तक संबंधित विभागों ने जवाब नहीं दिया है। इसके अलावा शून्यकाल के दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए 440 मामलों में से 321 का जवाब भी अभी लंबित है। शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई विभागों की ओर से समय पर जवाब नहीं मिलने से जनप्रतिनिधियों में लगातार असंतोष बना हुआ है।