रांची। JPSC-JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा धांधली की CBI जांच और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज FIR तत्काल रद्द करने की मांग की है।
करीब एक महीने चला था छात्रों का आंदोलन
भाजपा ने कहा कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्रों ने करीब एक महीने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान और उसके बाद राज्य के अलग-अलग थानों में छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सरकार से छात्र आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगें
भाजपा ने ज्ञापन के जरिए सरकार से तीन प्रमुख मांगें की हैं।
- पहली मांग: छात्र आंदोलन के दौरान और उसके बाद विभिन्न थानों में दर्ज सभी FIR तत्काल रद्द की जाएं।
- दूसरी मांग: JPSC-JSSC की रद्द और स्थगित की गई परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की CBI से जांच कराने की अनुशंसा की जाए।
- तीसरी मांग: आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद कथित रूप से समान रूप से दोषी अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा जिन अधिकारियों के अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है, उन अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
भाजपा ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि युवाओं से जुड़े इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। पार्टी ने कहा कि इसके लिए पूरी जिम्मेदारी झारखंड सरकार की होगी।
मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी शामिल रहे।



