जमशेदपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर झारखंड के स्कूलों में तीन दिवसीय खेल महाअभियान आयोजित किया जाएगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को 28 से 30 अगस्त तक ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ थीम पर विभिन्न खेल गतिविधियां और प्रतियोगिताएं कराने का निर्देश दिया है।

अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ स्कूलों में खेल संस्कृति को मजबूत करना है। विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह की ओर से जारी निर्देश में तीनों दिनों के कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई है।

पहले दिन फिटनेस और पारंपरिक खेलों पर जोर

28 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए पुशअप, स्किपिंग, प्लांक चैलेंज, स्पोर्ट्स बंधन, खेल आधारित स्लोगन लेखन और निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

इसके अलावा योग, मार्शल आर्ट, रस्साकसी और पारंपरिक तीरंदाजी का प्रदर्शन भी होगा। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को शारीरिक फिटनेस के साथ पारंपरिक खेलों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खेल शपथ और मार्च पास्ट

अभियान के दूसरे दिन यानी 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।

इसके बाद विद्यार्थियों को खेल शपथ दिलाई जाएगी और मार्च पास्ट कराया जाएगा। कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग वर्गों में दौड़, कबड्डी, खो-खो, शतरंज, बैडमिंटन और फुटबॉल जैसी प्रतियोगिताएं होंगी।इस दिन छात्र-शिक्षक मैत्री मैच भी आयोजित किया जाएगा।

तीसरे दिन निकलेगी ‘संडेज ऑन साइकिल’ रैली

30 अगस्त को अभियान का समापन ‘संडेज ऑन साइकिल’ रैली के साथ होगा। इसका उद्देश्य फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।

इसके अलावा भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के उपलक्ष्य में विशेष दौड़ भी आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समापन समारोह में मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

रक्षाबंधन और रविवार को भी खुलेंगे स्कूल

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 28 अगस्त रक्षाबंधन और 30 अगस्त रविवार को अवकाश होने के बावजूद विद्यालय खुले रहेंगे। इन दोनों दिनों में स्कूलों का संचालन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा और निर्धारित खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से कराई जाएंगी।

अवकाश के दिन ड्यूटी करने वाले शिक्षकों और अन्य कर्मियों को नियमानुसार क्षतिपूरक अवकाश (कंपन्सेट्री लीव) दिया जाएगा।