रांची। झारखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राज्य में संक्रमण की स्थिति, जांच सुविधाओं और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों में जल्द से जल्द स्वाइन फ्लू जांच की सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया।
अभी सिर्फ तीन केंद्रों पर जांच
फिलहाल राज्य में रांची सदर अस्पताल, रिम्स और एमजीएम जमशेदपुर में स्वाइन फ्लू की जांच हो रही है। बैठक में आरटी-पीसीआर मशीनों की उपलब्धता और खराब मशीनों की स्थिति की जानकारी ली गई।
जिन जिलों में जांच मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल मांग पत्र भेजने को कहा गया है। खराब मशीनों की मरम्मत कराने के साथ जरूरत पड़ने पर टेक्नीशियन और पैथोलॉजिस्ट को रिम्स या सदर अस्पताल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। टूनेट मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रिम्स में 5000 किट का स्टॉक होगा
रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में फिलहाल 150 जांच किट उपलब्ध हैं। संदिग्ध मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 5000 जांच किट खरीदने की मांग की गई है।
प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि रोजाना करीब 2 से 5 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। संक्रमण बढ़ने की स्थिति में जांच किट की कमी न हो, इसलिए पहले से पर्याप्त स्टॉक तैयार किया जा रहा है।
वहीं सदर अस्पताल में कोरोना काल की आरटी-पीसीआर मशीन से शुक्रवार से स्वाइन फ्लू की जांच दोबारा शुरू होगी। अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग से 500 किट की मांग की है। बुधवार को रिम्स में जांचे गए दो सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई।
मरीजों के लिए बेड भी तैयार
रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 6 बेड रिजर्व किए गए हैं। जरूरत बढ़ने पर पेइंग वार्ड के चौथे तल को भी इस्तेमाल किया जाएगा।
सदर अस्पताल में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। जरूरी दवाओं का स्टॉक भी रखा गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त बेड और अलग मेडिकल टीम की व्यवस्था की जाएगी।
HMIS और CCTV पर भी फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में HMIS पूरी तरह चालू करने का निर्देश दिया है। जरूरत के अनुसार कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अस्पतालों और महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV लगाने की योजना की भी समीक्षा की गई। संबंधित एजेंसी को जिलों का दौरा कर कैमरे लगाने के लिए जरूरी स्थानों की सूची और योजना तैयार करने को कहा गया है।
1000 पीजी डॉक्टर लाने की तैयारी
राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए दक्षिण भारत से करीब 1000 पीजी डॉक्टरों को लाने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पतालों में जरूरत के अनुसार पदों की संख्या तय करने के लिए सिविल सर्जनों से मिले सुझावों पर भी विचार किया गया।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक CHC को अपग्रेड करने के प्रस्ताव की समीक्षा के साथ राज्य के 125 स्थानों पर HPLC मशीन उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।
सहियाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सहियाओं को ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक सब सेंटर से दो सहियाओं का चयन कर उन्हें छह महीने का प्रशिक्षण देने की योजना है।
बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



