रांची। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर अब झारखंड के मौसम पर दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में भारी से भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है।
रांची में आज छाए रहेंगे बादल, बारिश के आसार
31 अगस्त को राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 सितंबर को भी रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में एक से अधिक बार हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
4 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश, जबकि 5 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
झारखंड में सामान्य से सिर्फ 8% कम बारिश
झारखंड में मानसून की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। 1 जून से 30 अगस्त तक राज्य में 729.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 792.5 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब राज्य में बारिश की कमी घटकर महज 8 प्रतिशत रह गई है।
कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 प्रतिशत, लातेहार में 23 प्रतिशत, सरायकेला-खरसावां में 9 प्रतिशत और रांची में 8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
महुआडांड़ में 138 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा 138 मिमी बारिश लातेहार के महुआडांड़ में रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा सरयू में 130 मिमी, गारू में 96 मिमी, सिमरिया में 74 मिमी, मझगांव में 72 मिमी, सिलाईचक में 57 मिमी, कुमारडुगी में 55 मिमी और गोइलकेरा में करीब 50 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इन 9 जिलों में जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा में बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सतही जल बहाव, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति की आशंका जताई है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
संताल परगना में अभी भी बारिश की कमी
राज्य के कुछ जिलों में भले ही अच्छी बारिश हुई हो, लेकिन संताल परगना के कई हिस्से अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। पाकुड़ में सामान्य से करीब 53 प्रतिशत, देवघर में 44 प्रतिशत और कोडरमा में 43 प्रतिशत बारिश कम हुई है।


