रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राज्य में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम केंद्र ने 19 अगस्त तक कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

17 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 17 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं मध्य झारखंड के रांची और खूंटी में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है।

18 अगस्त को पलामू-लातेहार समेत इन जिलों में असर

18 अगस्त को मौसम का असर राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में ज्यादा देखने को मिल सकता है। पलामू, लातेहार और चतरा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा आसपास के मध्य झारखंड के हजारीबाग में भी भारी बारिश हो सकती है।

19 अगस्त तक वज्रपात का खतरा

राज्य में 19 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका बनी रहेगी। तेज हवाओं के कारण लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

झारखंड में 15 अगस्त तक सामान्य बारिश की तुलना में करीब 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक लगभग 668 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि राज्य में करीब 550 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

लो प्रेशर सिस्टम से बढ़ेगी बारिश

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा तट के पास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है।मौसम प्रणाली के अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड में बारिश का दौर तेज होने का अनुमान है।

2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है तापमान

बारिश बढ़ने के साथ राज्य के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले तीन दिनों के दौरान कई इलाकों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। इससे लोगों को उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।