जींद में ढाठरथ और खेड़ी गांव के बीच चलती बाइक पर बिजली का खंभा गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए 14 वर्षीय अंकित की पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर संबंधित बिजली कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।

जींद। पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में ढाठरथ और खेड़ी गांव के बीच बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया। चलती बाइक पर बिजली का खंभा गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए 14 वर्षीय अंकित की पीजीआई रोहतक में इलाज के दौरान मौत हो गई। अंकित गांव सिंघाना का रहने वाला था और आठवीं कक्षा में पढ़ता था।

यह दर्दनाक हादसा 8 जुलाई 2026 को हुआ था। जानकारी के अनुसार, अंकित अपने परिवार के साथ गांव रायचंदवाला में भात भरने गया था। इसके बाद परिवार के लोग कई मोटरसाइकिलों पर सवार होकर वापस गांव सिंघाना लौट रहे थे। अंकित अपने रिश्तेदार राजेश की बाइक पर बैठा हुआ था।

जब वे ढाठरथ और खेड़ी गांव के बीच पहुंचे तो सड़क किनारे लगी बिजली लाइन का जर्जर और असंतुलित खंभा अचानक चलती बाइक पर आ गिरा। खंभे की चपेट में आने से अंकित के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

हादसे के बाद उसे उपचार के लिए पहले नागरिक अस्पताल जींद ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे करनाल के कल्पना चावला अस्पताल रेफर किया गया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद उसे पीजीआई रोहतक भेजा गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अंकित ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

अंकित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। जिस घर में कुछ दिन पहले भात भरने की खुशी थी, वहां अब 14 साल के बेटे की मौत से चीख-पुकार मची हुई है।

बिजली कर्मचारी और ठेकेदार पर FIR

पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में संबंधित बिजली कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। परिवार का आरोप है कि यदि बिजली का खंभा जर्जर और असंतुलित नहीं होता तो यह दर्दनाक हादसा नहीं होता।