धार्मिक यात्रा पर निकले करनाल के एक ही परिवार के तीन लोगों की जींद सड़क हादसे में मौत हो गई। इस दुखद घड़ी में भी परिजनों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मृतकों की आंखें दान कर दीं।
जींद। जिले के जुलाना में नेशनल हाईवे-152डी पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। करनाल से खाटू श्याम और सालासर बालाजी के दर्शन करने निकले变 पांच श्रद्धालु इस भयावह दुर्घटना का शिकार हो गए। इस हादसे की चपेट में आने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। यह Jind Road Accident इतना जबरदस्त था कि टक्कर के बाद आरोपी वाहन सड़क से नीचे जा गिरा। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है, वहीं घायलों का इलाज जारी है।
आवारा पशु के कारण हादसा
यह दर्दनाक दुर्घटना उस समय हुई जब करनाल के सेक्टर-8 निवासी पांचों श्रद्धालु ग्रैंड विटारा कार में सवार होकर राजस्थान जा रहे थे। रास्ते में जुलाना के पास अचानक एक आवारा पशु कार के सामने आ गया। पशु को बचाने के प्रयास में चालक ने जैसे ही आपातकालीन ब्रेक लगाए, कार तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में ही बंद हो गई। वाहन को ठीक करने के लिए पुरुष सदस्य नीचे उतरे, जबकि महिलाएं सुरक्षित दूरी पर खड़ी हो गईं। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार कैंटर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में धर्मपाल वासन, राजकुमार तुली और स्वीटी की मौके पर ही मौत हो गई।
दुख की घड़ी में नेत्रदान
हादसे का शिकार हुए श्रद्धालुओं के बच्चे वर्तमान में विदेशों में रहते हैं, जिन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित रखवाया गया है, जहां से परिजनों को सौंपे जाने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस असहनीय दुख की घड़ी में भी पीड़ित परिवारों ने मानवता की एक अनूठी और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। परिजनों ने समाजसेवियों की प्रेरणा से तीनों मृतकों की आंखें दान करने का बड़ा फैसला लिया। अपनों को हमेशा के लिए खोने के दर्द के बावजूद लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अब कई दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नया उजाला लेकर आएगा।

