कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव के तारीखों का ऐलान होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी शंखनाद होते ही आज पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और उनके बेटे बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की है। सीएम संग दोनों बड़े नेताओं की मुलाकात बिहार विधान परिषद चुनाव के सीट को लेकर हुई। सूत्रों के अनुसार जीनत राम मांझी और संतोष सुम अपनी पार्टी की तरफ से दावेदारी पेश कने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे थे।

मांझी ने की एक सीट की डिमांड

सीएम सम्राट चौधरी संग चली आधे घंटे की मुलाकात के बाद जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा बयान दिया है। मांझी ने कहा कि, हमे बिहार विधान परिषद में 1 सीट चाहिए। उन्होंने कहा कि, हमारी मांग बहुत पहले से है। हमारे 5 विधायक हैं। 1 MLC हैं और 1 मंत्री हैं। हम किसी भी पार्टी से कमजोर नहीं है। MLC की 1 सीट हमें कम से कम मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, इस मांग को लेकर हम केंद्रीय मंत्री से भी मुलाकात करेंगे। फिलहाल सम्राट जी से सकारात्मक बात हुई है।

18 जून को होगा 10 सीटों पर मतदान

आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने आज ही जून में खाली हो रहे बिहार विधान परिषद की 9 सीटों और नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई एक रिक्त सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, इन सीटों पर 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन देर शाम नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।

बिहार विधान परिषद चुनाव का कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, बिहार विधान परिषद उपचुनाव के लिए अधिसूचना 1 जून को जारी की जाएगी। वहीं, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 11 जून तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा। आयोग ने 20 जून तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने की समय-सीमा तय की गई है।

निशांत और दीपक का विधान परिषद जाना तय!

सूत्रों की मानें तो इस बार बिहार विधान परिषद चुनाव में कई नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। सियासी गलियारों में उनका नाम तेजी से चर्चा में बना हुआ है। वहीं, दूसरा नाम पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का सामने आ रहा है। इन दोनों नेताओं का विधान परिषद जाना तय माना जा रहा है।

गौरतलब है कि ये दोनों नेता बिना किसी सदन का सदस्य बने ही मंत्री पद की शपथ लिए हैं। ऐसे में नियम के अनुसार 40 दिन के अंदर इन्हें विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य बनना अनिवार्य है। निशांत और दीपक के अलावा कई और नए चेहरे इस बार विधानपरिषद पहुंच सकते हैं। वहीं, मांझी ने भी सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात कर एमएलसी की एक सीट पर अपना दावा ठोक दिया है।

ये भी पढ़ें- ​नितेश राणे के विवादित बयान पर राजद का तीखा हमला: एजाज अहमद बोले- ‘धार्मिक उन्माद फैलाकर देश को बांटना चाहती है बीजेपी’