Bihar News: समधन और बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी के काफिले पर हुए हमले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। गयाजी में मीडिया से बातचीत के दौरान मांझी ने गया पुलिस और मोहनपुर थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, यदि जल्द से जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई और 8 दिनों के अंदर थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सकड़ पर आंदोलन करेगी।

थाना प्रभारी पर उठाया सवाल

जीतन राम मांझी ने कहा कि, विधायक ज्योति देवी पर यह पहला हमला नहीं है, इससे पहले भी कई बार उन पर हमले हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर मोहनपुर थाना की पुलिस स्कॉर्ट में रहती तो यह घटना नहीं होती। मांझी ने यह दावा किया कि थाना प्रभारी ने सुरक्षा देने से यह कहकर मना कर दिया था कि गाड़ी में तेल नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब घटना हुई और पुलिस मौके पर पहुंची, तब गाड़ी में तेल कहां से आ गया?

अपराधियों को बचाने का लगाया आरोप

मांझी ने यह भी कहा कि, घटना के दौरान दोनों तरफ से पुलिस मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान अपराधियों को पकड़ा जा सकता था। लेकिन हमलावर मौके से फरार हो गए। उन्होंने अपराधियों को जानबूझकर बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि, विधायक ज्योति मांझी महादलित समाज से आती हैं और इसी कारण उनके खिलाफ साजिश की जा रही है।

जानें क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार यह विवाद उस समय हुआ जब कल रविवार की रात हम विधायक ज्योति देवी एक कार्यक्रम से लौट रही थीं। इस दौरान बाराचट्टी में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनका रास्ता रोक लिया। हम प्रवक्ता के अनुसार लाठी-डंडों से लैस असामाजिक तत्वों ने विधायक के साथ दुर्व्यवहार किया, गालियां दीं और जान से मारने का प्रयास किया। जब विधायक के अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड्स) ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

वहीं, पुलिस का कहना है कि पूरा विवाद वाहन को साइड देने को लेकर हुआ था। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि,विधायक के सुरक्षा गार्ड और विरोध कर रहे लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। मामले में हम की ओर से कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

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