कांग्रेस सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल ने रोहतक में सीएम नायब सैनी पर चुटकुले सुनाने का आरोप लगाया। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।

रोहतक। कांग्रेस की मासिक बैठक उस समय पूरी तरह राजनीतिक गर्मी में बदल गई, जब पार्टी के प्रदेश सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर तीखा हमला बोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे बघेल ने मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर “चुटकलेबाज” करार देते हुए कहा कि जब प्रदेश का मुख्यमंत्री खुद चुटकुले सुनाने में व्यस्त हो, तो विधानसभा में भी गंभीर बहस की जगह चुटकुले ही चलेंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में नई बहस छिड़ती दिखाई दे रही है।

रोहतक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मासिक बैठक लेने पहुंचे जितेंद्र बघेल ने कहा कि हरियाणा आज कई गंभीर मुद्दों से जूझ रहा है। बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था और किसानों से जुड़े सवाल प्रदेश के सामने खड़े हैं, लेकिन मुख्यमंत्री इन मुद्दों पर ध्यान देने की बजाय अलग ही राजनीतिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी आजकल पगड़ी पहनकर घूम रहे हैं और हरियाणा की समस्याओं को देखने के बजाय पंजाब में जाकर चुटकुले सुना रहे हैं।

कांग्रेस सह-प्रभारी ने कहा कि जनता ने सरकार इसलिए नहीं चुनी कि वह मंचों पर मनोरंजन देखे, बल्कि इसलिए चुनी थी कि लोगों के मुद्दों का समाधान हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। बघेल ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के सामने रोजगार का संकट है, किसान परेशान हैं और आम आदमी महंगाई से जूझ रहा है, लेकिन सरकार इन सवालों का जवाब देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है।

बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी इस बयान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। बघेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और भाजपा सरकार की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

हालांकि, कांग्रेस नेता के इस बयान पर भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन जिस तरह मुख्यमंत्री नायब सैनी को लेकर सीधे “चुटकलेबाज” जैसी टिप्पणी की गई है, उससे आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। अब देखना होगा कि भाजपा इस हमले का जवाब किस अंदाज में देती है और यह सियासी तकरार आगे क्या मोड़ लेती है।