शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत होते ही किसानों के सामने खाद और डीजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को एक खुला पत्र लिखकर सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
समितियों पर लंबी कतारें
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में दावा किया है कि मानसून की दस्तक के साथ ही किसान बोवनी की तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में खाद और डीजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। उन्होंने राज्य के प्रमुख संभागों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि- मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, महाकौशल और ग्वालियर-चंबल समेत लगभग सभी संभागों में खाद की भारी किल्लत है। सहकारी समितियों पर किसानों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। किसानों को उनकी आवश्यकता और निर्धारित मात्रा से भी कम खाद दी जा रही है, जिससे उनके सामने संकट खड़ा हो गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने रखीं ये प्रमुख मांगें
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से किसानों की सुध लेने की अपील करते हुए सरकार के सामने तीन बड़ी मांगें रखी हैं। प्रदेश के अन्नदाता की इस गंभीर समस्या पर चर्चा करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए। पारदर्शिता लाने के लिए सरकार जिलावार खाद के स्टॉक और वितरण का डेटा सार्वजनिक (Public) करे, ताकि पता चल सके कि किस जिले को कितनी खाद मिली। खाद की ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) करने वाले माफियाओं के खिलाफ सरकार तुरंत एक विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करे।
एसी कमरों से बाहर निकलें मुख्यमंत्री
पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि जब किसान बारिश से पहले खाद की चिंता में रातों की नींद गंवा रहा है, तब सरकार अपनी जवाबदेही से बच रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे खुद एसी कमरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर किसानों के बीच जाएं और जमीन पर खाद संकट की वास्तविक और भयावह स्थिति को देखें। इस खुले पत्र के बाद अब प्रदेश में खाद की उपलब्धता और किसानों के मुद्दे पर सियासत पूरी तरह गरमा गई है।
UP के पूर्व सीएम अखिलेश की बेटी पर टिप्पणीः समाज के आक्रोश के बाद आरोपी ने थाने में किया सरेंडर,

भोपाल में चयनित शिक्षकों का बड़ा आंदोलन: जनजाति कार्य विभाग से DPI तक निकाली ‘दंडवत यात्रा’, पद वृद्धि की मांग


