असम/जोरहाट। शनिवार, 13 जून 2026 का दिन भारतीय वायुसेना के लिए एक दुखद अध्याय लेकर आया। असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में फ्लाईट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार सहित पांच जांबाज कर्मियों की शहादत हो गई। हादसे में सह-पायलट चमत्कारिक रूप से घायल अवस्था में बच गए हैं जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खुशियों के बीच छाया मातम
बनवरिया गांव निवासी 26 वर्षीय शुभम कुमार की शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची वहां मातम पसर गया। शुभम के छोटे भाई सत्यम ने बताया कि सुबह 9 बजे शुभम ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी। उस समय वे पूरी तरह प्रसन्न थे। सत्यम ने आगे बताया सुबह जब खबर आई तो हमें लगा कि यह भ्रामक सूचना है लेकिन जब हमने उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो सेना के अधिकारियों ने इस हृदयविदारक घटना की पुष्टि की। सुबह वे बहुत जल्दबाजी में थे उन्होंने कहा था कि फ्री होकर बात करेंगे, लेकिन वह आखिरी बातचीत साबित हुई।
किसान परिवार का गौरव थे शुभम
शुभम के पिता अमरेन्द्र आनंद पेशे से किसान हैं और माता एक गृहणी हैं। वर्ष 2021 में वायुसेना में शामिल हुए शुभम अपने माता-पिता के सपनों की संजीवनी थे। उनके शहीद होने की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे प्रखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शुभम अत्यंत प्रतिभाशाली थे। उनके माता-पिता ने उनके विवाह को लेकर जो सुनहरे सपने बुने थे उन पर शुभम ने यह कहकर रोक लगा दी थी कि अभी उनका पूरा ध्यान देश सेवा और अपने करियर पर है।
राष्ट्र ने खोया एक होनहार बेटा
वायुसेना के इस जांबाज अधिकारी की शहादत ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। शुभम की कर्तव्यपरायणता और उनके साहस को हमेशा याद रखा जाएगा। फिलहाल वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी घटना के कारणों की जांच में जुट गए हैं। पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है और लोग शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उनके गांव पहुंचने लगे हैं। देश इस कठिन घड़ी में शहीद परिवार के साथ खड़ा है।

