​पटना। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) द्वारा डिप्लोमा फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर की जाने वाली नियमित नियुक्ति का परिणाम लंबे समय से जारी नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को राजधानी पटना की सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने उतरकर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया।

​प्रदर्शन और पुतला दहन

​डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गनाइजेशन और छात्र संघ बिहार के संयुक्त तत्वावधान में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पीएमसीएच गेट पर एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने गांधी मैदान तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला। मार्च का समापन कारगिल चौक पर हुआ जहां आक्रोशित अभ्यर्थियों ने बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) के चेयरमैन और सचिव का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। इस दौरान उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​अल्टीमेटम के बाद भी चुप्पी

​छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार ने आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों ने आयोग को शुक्रवार तक का समय दिया था और स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि तय समय सीमा के भीतर फाइनल रिजल्ट जारी नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी आयोग की चुप्पी ने आग में घी डालने का काम किया है। अरविंद कुमार का कहना है कि चयन प्रक्रिया के सभी चरण पूरे होने के बावजूद रिजल्ट को जानबूझकर रोका जा रहा है जिससे हजारों परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया है। अभ्यर्थियों पर इसका गहरा मानसिक और आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

​सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

​प्रदर्शन स्थल पर अभ्यर्थियों ने अपने अगले कदम का ऐलान करते हुए कहा कि वे अब और देरी बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि आयोग ने अविलंब परिणाम घोषित नहीं किया तो सोमवार से आयोग के मुख्य कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। अभ्यर्थियों की मांग है कि नियुक्तियों में पारदर्शिता लाते हुए परिणाम अविलंब जारी किए जाएं।
​फिलहाल इस मामले पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब सभी की निगाहें सोमवार की सुबह पर टिकी हैं कि क्या आयोग भूख हड़ताल से पहले कोई ठोस कदम उठाता है या अभ्यर्थी अपनी चेतावनी पर अमल करने को विवश होंगे।