रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने JPSC की पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के पूर्व PA रहे ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार किया है। उन पर JPSC अभ्यर्थियों से पैसे लेने और उम्मीदवारों को कथित तौर पर परीक्षा में लाभ पहुंचाने के लिए कैंडिडेट तलाशने का आरोप है।

अभ्यर्थियों से पैसे लेने का आरोप

जांच के अनुसार, ब्रज कुमार राम पर आरोप है कि वह JPSC सदस्य के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे लेता था और परीक्षा में सफल कराने के लिए उम्मीदवारों की तलाश भी करता था।

CID को इस संबंध में टीडीपीएल के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है।

पूछताछ में सामने आए कई गंभीर आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयानों में JPSC सदस्यों पर पैसे लेकर इंटरव्यू में अधिक अंक देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई लोगों के बीच सांठगांठ थी और पैसे लेकर अयोग्य अभ्यर्थियों को JPSC की परीक्षाओं में सफल कराने का आरोप है।

पूर्व अध्यक्ष समेत कई लोगों की भूमिका जांच के दायरे में

मामले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते, आयोग के तत्कालीन सदस्यों, परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी TDPL के अधिकारियों समेत अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।CID अब ब्रज कुमार राम से पूछताछ के जरिए कथित लेन-देन, अभ्यर्थियों से संपर्क और परीक्षा प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप से जुड़े अन्य सुराग जुटाने में लगी है।

JPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच जारी

JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। नई गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को मामले में और अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। अब जांच का फोकस कथित पैसे के लेन-देन और परीक्षा परिणामों को प्रभावित करने वाले नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने पर है।