रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी, जेएसएससी (सीजीएल) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर प्रदर्शनकारियों ने श्रद्धांजलि मार्च निकाला और पांच छात्रों ने आमरण भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की।

जेपीएससी, जेएसएससी (सीजीएल) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि मार्च निकालकर उन्हें नमन किया।

प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि दिशोम गुरु उनके प्रेरणा-स्रोत रहे हैं। उनके संघर्ष से प्रेरणा लेते हुए छात्र शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से अपनी मांगों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धांजलि मार्च के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जा रहा है और आज से पांच छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।


हमारी लड़ाई ख़राब व्यवस्था से है जिसने सिस्टम का प्रभावित किया है
प्रदर्शनकारी ने कहा कि उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री इस पूरे मामले में सख्त और निर्णायक फैसला लें। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई मुख्यमंत्री या किसी राजनीतिक दल से नहीं है। हमारी लड़ाई उस खराब व्यवस्था से है जिसने पूरे सिस्टम को प्रभावित कर दिया है।”


आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक
छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और किसी भी राजनीतिक दल को इस मंच का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं को न्याय दिलाना है।

रांची में छात्रों का धरना कई दिनों से जारी है और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।