भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग, संविधान की प्रस्तावना पढ़कर और राष्ट्रगान गाकर जताया विरोध; राजनीतिक दखल से दूरी बनाने का ऐलान

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अल्बर्ट एक्का चौक पर जुटे और सड़क जाम कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि भर्ती व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा अधिसूचना जारी करते समय चयन प्रक्रिया से जुड़ी सभी जानकारियां स्पष्ट रूप से सार्वजनिक की जाएं और आयोग अभ्यर्थियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे।

आंदोलन के दौरान छात्रों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया और इसके बाद राष्ट्रगान गाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि यह आंदोलन युवाओं के अधिकारों और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर है।

खराब मौसम के बीच भी डटे रहे छात्र
बारिश के बावजूद छात्र अपने आंदोलन पर डटे रहे। खराब मौसम के बीच भी प्रदर्शन जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि जब तक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द संवाद शुरू करने की भी मांग की।


राजनीतिक दल के हस्तक्षेप का किया विरोध
छात्रों ने आंदोलन को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए किसी भी राजनीतिक दल के हस्तक्षेप का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए है और इसे राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया जाएगा। आंदोलन स्थल पर जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो के पहुंचने पर भी कुछ छात्रों ने आपत्ति जताई और राजनीतिक दखल से दूरी बनाए रखने की बात दोहराई।

‘फर्जी अभय तिवारी’ लिखे पोस्टर भी दिखे
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के हाथों में ‘फर्जी अभय तिवारी’ लिखे पोस्टर भी दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों ने इसे भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। छात्रों ने सरकार से तत्काल बातचीत शुरू करने, भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।