रांची। JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों और झारखंड सरकार के बीच चौथे दौर की वार्ता शुरू हो गई है। मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लगातार बातचीत जारी है। इससे पहले तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन छात्रों की सभी मांगों पर अब तक अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।
छात्रों की मांगों पर होगी अहम चर्चा
छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय और कार्रवाई जरूरी है।चौथे दौर की बातचीत में परीक्षा से जुड़े विवादों, जांच की प्रक्रिया और भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
तीन दौर की बातचीत में नहीं निकला अंतिम समाधान
पहले दौर में छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं। दूसरे दौर में कथित गड़बड़ियों की जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर चर्चा हुई। हालांकि, किसी भी दौर में सभी मुद्दों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
तीसरे दौर से पहले छात्र प्रतिनिधिमंडल को लेकर भी पेंच फंसा था। सरकार की आपत्ति के बाद प्रतिनिधिमंडल में बदलाव किया गया और अंततः छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता आगे बढ़ी।
कांग्रेस ने छात्रों से भरोसा रखने की अपील की
इधर, कांग्रेस की ओर से छात्रों से सरकार पर भरोसा रखने की अपील की गई है। कांग्रेस नेता ने माना कि अतीत में गलतियां हुई हैं, लेकिन अब सरकार छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देगी।
हालांकि, लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए भरोसा बहाल करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। छात्र अब मौखिक आश्वासन के बजाय लिखित और स्पष्ट निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।
सरकार की ओर से मंत्री समूह वार्ता में शामिल
चौथे दौर की बैठक में सरकार की ओर से मंत्री समूह के सदस्य शामिल हैं:
सुदिव्य कुमार सोनू
दीपिका पांडेय सिंह
संजय प्रसाद यादव
चमरा लिंडा
10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल
छात्रों की ओर से वार्ता में शामिल प्रतिनिधिमंडल में:
रविंद्र पासवान
पीयूष कुमार सिंह
रविंद्र कुमार रवि
कार्तिक सोरेन
राजेश प्रसाद
उमेश प्रसाद
शशांक कुमार
अंकित कुमार
आनंद कुमार
शालू कुमारी
वार्ता के नतीजे पर टिकी नजरें
10 अगस्त को विधानसभा घेराव के बाद सरकार और छात्रों के बीच संवाद का सिलसिला आगे बढ़ा है। अब चौथे दौर की वार्ता से छात्रों को ठोस समाधान की उम्मीद है।
छात्रों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय होता है तो आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि चौथे दौर की बातचीत सिर्फ आश्वासन तक सीमित रहती है या सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला सामने आता है।


