प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र से पुलिस और एसटीएफ (STF) ने एक बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। छांव रोड पर स्थित एक प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री के अंदर अवैध रूप से गांजे की तस्करी का खेल चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस संयुक्त छापेमारी में पुलिस ने लगभग 27 से 28 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ ही एक लग्जरी कार भी जब्त की गई है।
स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दुर्गावती थाना क्षेत्र के छांव रोड स्थित एक प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री के परिसर में अवैध रूप से नशीली पदार्थों का कारोबार संचालित हो रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर एसटीएफ और दुर्गावती पुलिस की टीम ने तुरंत एक संयुक्त छापेमारी दल का गठन किया।
जब पुलिस बल ने दल-बल के साथ उक्त फैक्ट्री परिसर में औचक निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। फैक्ट्री के अंदर कुल 14 पेटियों में छिपाकर भारी मात्रा में गांजा रखा गया था।
एक आरोपी गिरफ्तार और कार जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से प्रकाश तिवारी नामक एक आरोपी को धर दबोचा, जो इस तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके पर मौजूद एक ओडिशा नंबर की लग्जरी कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिसका इस्तेमाल इस अवैध खेप को ढोने या तस्करों के आवागमन के लिए किए जाने की आशंका है।
दुर्गावती के अंचल अधिकारी (CO) राजा कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एसडीएम की ओर से इस मामले की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से करीब 27 से 28 किलो गांजा बरामद कर लिया। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
मोहनियां अनुमंडल क्षेत्र बना तस्करों का सेफ जोन
कैमूर जिले का मोहनिया अनुमंडल क्षेत्र पहले से ही अवैध गांजा तस्करी के संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। प्रशासनिक दावों और लगातार चलाए जाने वाले अभियानों के बावजूद तस्करों के हौसले बुलंद हैं। मोहनिया रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कुदरा और दुर्गावती जैसे इलाके तस्करों के प्रमुख ठिकाने बनते जा रहे हैं।
इसकी मुख्य वजह यह है कि कैमूर जिला उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। तस्कर आसानी से यूपी बॉर्डर पार कर अवैध गांजे की खेप को बिहार में दाखिल करते हैं और फिर यहां से विभिन्न जिलों में इसकी सप्लाई की जाती है। हालांकि, इस बार पुलिस और एसटीएफ की इस बड़ी कार्रवाई ने तस्करों के नेटवर्क को करारा झटका दिया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों की तलाश में जुट गई है।



