प्रमोद कुमार, कैमूर। जिले के रामगढ़ थाने में मिली चार सिर कटी लाश मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। घटना को मृतक कृष्ण मुरारी के सगे दो भाई ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू, एक देशी कट्टा, तीन गोली, स्कूटी और एक फाइटर बरामद किया है। बता दें कि इस चर्चित हत्याकांड की जांच के लिए मोहनिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित एसआईटी, एफएसएल, डॉग स्कॉवड की टीम ने यह सफलता पाई है।

मृतक ने की थी मां की पिटाई

बताया जाता है बीते 5 मई को मृतक कृष्ण मुरारी ने घरेलू कलह को लेकर अपनी मां की पिटाई कर दी थी, जिसकी सूचना उन्होंने अपने बेटे विकास गुप्ता को दी, जो महाराष्ट्र में रहता था। मां की पिटाई की खबर सुनकर विकास गुप्ता अपने दोस्त दीपक कुमार राजपूत को लेकर घर पहुंचा। 7 मई को विकास गुप्ता और उसका दोस्त एक कमरे में बैठे थे, तभी कृष्ण मुरारी भी वहां आ पहुंचा। तीनों के बीच शेयर मार्केट को लेकर चर्चा होने लगी, इसी दौरान विकास गुप्ता ने अपने दोस्त दीपक कुमार राजपूत के साथ मिलकर कृष्ण मुरारी पर चाकू से हमला कर दिया।

भाई ने दोस्त संग मिलकर घटना को दिया अंजाम

इस बीच अपने पति को बचाने पहुंची कृष्ण मुरारी की पत्नी को भी दीपक और उसके दोस्त ने मार दिया। उसी समय कृष्ण मुरारी और उसकी पत्नी के दोनों बच्चे भी वहां आ गए। दीपक गुप्ता पर गुस्सा इस तरह हावी था की उसने दोनों बच्चों को भी मार डाला। इस हत्याकांड में दीपक के सबसे छोटे भाई राहुल उर्फ गौतम जो गूंगा है, उसने टांगी से काटकर सभी शवों के टुकड़े किए। घटना होते घर मे मौजूद मृतक की मां, उसकी दो छोटे भाई की पत्नी सब देख रही थी। फिर सभी चारों सिर को और शरीर के टुकड़ो को सूटकेस और बोरी में भरकर उसे स्कूटी से दो जगहों पर फेंक दिया। पहला स्थान रामगढ़ मोहनिया बॉर्डर पर दुर्गावती नदी में फेंका और दूसरा जगह अकोढ़ी के पास नहर के पास फेंका। वहीं, साक्ष्य छुपाने के लिए घर में सीमेंट से छिड़क कर और खून को धोकर नाली में बहाया और कुछ जला दिया।

सूटकेस में मिले थे शव के 18 टुकड़े

घटना का खुलासा करते हुए कैमूर एसपी हरि मोहन शुक्ला ने बताया कि 10 मई को रामगढ़ मोहनियां बॉर्डर पर दुर्गावती नदी में सूटकेस से शरीर के 18 टुकड़े बरामद हुए थे, जिसे देखने से प्रतीत हो रहा था कि तीन से चार लोगों का शव है। उसके बाद रामगढ़ और जिले के साथ पास के जिले में परिवार के मिसिंग पर पुलिस कार्य कर रही थी। तभी 12 मई को फिर बोरी में शरीर के टुकड़े बरामद मिले।

उन्होंने बताया कि, डेड बॉडी में बच्चे के ड्रेस और मृतक के शर्ट से पहचान हुई कि रामगढ़ थाना के डरहक गांव मे एक कृष्ण मुरारी का परिवारी लापता है और घर में ताला लगा हुआ है। फिर पुलिस ने अपने वैज्ञानिक अनुसंधान से पाया कि मृतक के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल लोकेशन से पता चला कि मृतक के छोटे भाई घटना के दिन से पहले आने जाने की तस्वीर आई। फिर उसे महाराष्ट्र से बुलाया गया और विकास गुप्ता ने सारी घटना को खुद स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्त और छोटे भाई के साथ मिलकर घटना का अंजाम दिया था। दीपक मृतक बड़े भाई कृष्ण मुरारी से नाराज चल रहा था, उसके व्यवहार के कारण ही उसने इतनी बड़ी घटना का अंजाम दिया।

मझीले भाई ने किया अंतिम संस्कार

बता दें कि मृतक चार भाई हैं। सबसे बड़ा भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता, सुभाष गया, विकास गुप्ता, राहुल उर्फ गौतम जो गूंगा है।मझीला भाई सुभाष गुप्ता हैदराबाद में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है, जो घटना के बाद घर पर पहुंचा है और अपने बड़े भाई और भाभी, भतीजे-भतीजी का दाह संस्कार किया।

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