कैथल के गीता भवन मंदिर में 108 फीट ऊंचे नवनिर्मित मंदिर में भगवान राम, शिव और माता की मूर्तियां स्थापित की गईं। इस अवसर पर संतों की उपस्थिति में भव्य समारोह संपन्न हुआ।
राकेश कथूरिया, कैथल। जिले के बीचों-बीच स्थित प्रसिद्ध गीता भवन मंदिर में नवनिर्मित 108 फीट ऊंचे भव्य मंदिर के कपाट आज श्रद्धा और उल्लास के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए। पिछले 5 दिनों से चल रहे मूर्ति स्थापना के धार्मिक अनुष्ठान और विशेष आयोजनों के बाद आज भगवान शिव, भगवान श्री राम और माता की प्रतिमाएं विधि-विधान से स्थापित की गईं। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। कपाट खुलते ही पूरा वातावरण धार्मिक जयकारों से गूंज उठा और भक्तों ने नवनिर्मित भव्य मंदिर के दर्शन किए।
विशाल हवन-यज्ञ और संतों का सानिध्य
इस पुनीत अवसर पर गीता भवन मंदिर सभा के प्रधान कैलाश भगत ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना की और पूर्णाहूति के साथ हवन-यज्ञ संपन्न किया। समारोह के दौरान धार्मिक जगत की कई बड़ी हस्तियां और संत-महात्मा उपस्थित रहे, जिनमें टोपिया वाला गुरुद्वारा के महंत हरीश जी शास्त्री, महंत रमन पुरी जी और बाबा गुलाब दास कुटिया के महंत ईश्वर दास शामिल थे। मंदिर सभा के महासचिव सुभाष नारंग ने बताया कि 5 दिनों से चल रहा यह भव्य धार्मिक उत्सव आज मूर्ति स्थापना और विशाल भंडारे के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बना भव्य मंदिर
स्थानीय निवासियों ने इस नवनिर्मित मंदिर की भव्यता की जमकर सराहना की है। स्थानीय निवासी अरविंद कालड़ा ने मंदिर सभा के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शहर के मध्य में ऐसा दिव्य मंदिर बनाना बहुत ही पुनीत कार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों और भव्य निर्माणों से आज की युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धर्म से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। आज की युवा पीढ़ी को भी ऐसे नेक और धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। यह भव्य मंदिर न केवल कैथल की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि आने वाले समय में जिले के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभरेगा।

