हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर के कनाड़िया में हुए इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड में अब मृतका अनीता चौहान के पिता का दर्द छलका है। 20 साल पुराना रिश्ता, जो खुशियों की उम्मीद के साथ शुरू हुआ था, वो ज़ुल्म, मारपीट और आखिरकार मौत पर जाकर खत्म होगा… यह अनीता के पिता ने सपने में भी नहीं सोचा था।मृतका के पिता के मुताबिक, शादी के 20 साल बीत जाने के बाद भी सुनील का अत्याचार कम नहीं हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी अपनी पत्नी को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। विवाद इस हद तक बढ़ चुका था कि देवास में सुनील के खिलाफ मारपीट का आपराधिक मामला तक दर्ज कराया गया था। लेकिन ज़ुल्म की यह दास्तां थमी नहीं! सुबह जब पुलिस का फोन पहुंचा और पिता इंदौर के लिए रवाना हुए, तब तक उनका सब कुछ उजड़ चुका था।

20 साल पुराना रिश्ता, 20 साल का ज़ुल्म

कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात जो हुआ, उसकी पटकथा रातों-रात नहीं लिखी गई थी। मृतका अनीता चौहान के पिता की मानें तो 20 साल पहले हुई इस शादी में सुकून का एक पल नहीं था। आरोपी सुनील चौहान पेशे से ड्राइवर था और लगातार अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था।पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही सुनील, अनीता को बुरी तरह परेशान और प्रताड़ित कर रहा था। उत्पीड़न से तंग आकर परिवार ने पहले देवास में सुनील के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी। इसी विवाद और कलेश से बचने के लिए परिवार बाबूगांधी नगर छोड़कर हाल ही में झलारिया में रहने आया था, लेकिन सुनील के सिर पर सवार शक का भूत शांत नहीं हुआ।

घूमने के बहाने ले गया और ली जान

सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात सुनील अपनी पत्नी अनीता और दोनों मासूम बच्चों को घूमने के बहाने घर से बाहर ले गया। सुनसान इलाके में तालाब के पास पहुंचते ही उसने अपनी हैवानियत दिखाई। पुलिस के मुताबिक, पहले उसने अनीता का गला घोंटा और फिर चाकू से उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए ताकि उसकी पहचान मिटाई जा सके।इसके बाद आरोपी ने वो किया, जिससे पिता का रिश्ता हमेशा-हमेशा के लिए कलंकित हो गया। उसने अपनी ही 12 साल की बेटी माही और 8 साल के बेटे अजय को उफनते तालाब में फेंक दिया।

8 साल के अजय का अदम्य साहस

तालाब के गहरे पानी में 12 साल की मासूम माही जिंदगी की जंग हार गई और डूबने से उसकी मौत हो गई। लेकिन 8 साल के मासूम अजय के हौसले के आगे मौत भी हार गई। रात का भयानक अंधेरा था, सामने मौत खड़ी थी… लेकिन मासूम तैरकर किनारे तक आया। अपनी बहती सांसों को संभालकर अजय भागते हुए पास के गांव पहुंचा और ग्रामीणों को पिता की दरिंदगी की पूरी दास्तान सुनाई। मासूम की जुबानी यह खौफनाक दास्तान सुनकर पूरा गांव सन्न रह गया।

पुलिस की कार्रवाई और उठते सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका का शव बरामद किया और तालाब से माही की देह निकाली। वारदात के बाद आरोपी सुनील ने खुद भी आत्महत्या का नाटक करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे तत्परता से गिरफ्तार कर लिया।मासूम अजय की सूझबूझ से भले ही उसकी जान बच गई, लेकिन अपनी आंखों के सामने मां का कत्ल और बहन को डूबते देखने का खौफनाक मंज़र वो शायद कभी नहीं भूल पाएगा।

केस दर्ज होने के बाद भी रवैया नहीं बदला

“बेटी अनीता की शादी को 20 साल हो चुके थे, लेकिन पिता को क्या पता था कि जिस दामाद के हाथ में बेटी का हाथ सौंपा था, वही एक दिन पूरी गृहस्थी का जल्लाद बन जाएगा। देवास में पुलिस केस दर्ज होने के बावजूद सुनील का रवैया नहीं बदला और नतीजा आज दो मासूम जिंदगियों की तबाही के रूप में सामने है। पुलिस ने आरोपी को कस्टडी में ले लिया है और मामले की पड़ताल जारी है।”

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