दिल्ली में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन में प्रदर्शित कानपुर के लेदर, सैडलरी और केमिकल उत्पादों को विदेशी प्रतिनिधियों ने काफी पसंद किया. इस सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद कानपुर के निर्यातकों को रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से बड़े पैमाने पर व्यापारिक ऑर्डर मिलने की उम्मीद जगी है.

कानपुर. नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रदर्शित उत्तर प्रदेश के उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. इस आयोजन के माध्यम से पिछले दो वर्षों से वैश्विक चुनौतियों से जूझ रहे कानपुर के चमड़ा, सैडलरी और केमिकल उद्योग के लिए विदेशों में व्यापार विस्तार के नए रास्ते खुले हैं. सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे विभिन्न राष्ट्रों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने कानपुर के लेदर गुड्स तथा केमिकल प्रोडक्ट्स में विशेष रुचि दिखाई है.

विदेशी प्रतिनिधियों को भाए उत्पाद

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के उत्तर प्रदेश प्रमुख व सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव के अनुसार ब्रिक्स बाजार में कई भारतीय वस्तुएं आकर्षण का केंद्र बनीं. इनमें कानपुर के चमड़े के जूते और गारमेंट्स के अलावा बिहार का मखाना व सत्तू, असम की चाय, वाराणसी की सिल्क साड़ी और उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प उत्पाद शामिल रहे. सम्मेलन में शामिल 11 सदस्य देशों से जल्द ही भारतीय निर्यातकों को नए व्यावसायिक ऑर्डर मिलने की संभावना है.

निर्यात आंकड़ों में बड़ा उछाल

आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि ब्रिक्स सम्मेलन के सकारात्मक प्रभाव के चलते देश के कुल निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त के बीच भारत का निर्यात 399 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो बीते वर्ष की इसी अवधि में 345 अरब अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया था. इस प्रकार अप्रैल से अगस्त की अवधि के दौरान कुल निर्यात में 54 अरब अमेरिकी डॉलर की वृद्धि हुई है.

कारोबारियों ने जताई उम्मीद

काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) के वाइस चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में वैश्विक प्रतिनिधियों द्वारा कानपुर और यूपी के सामान की सराहना किया जाना उद्योग के लिए शुभ संकेत है. वहीं आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि लंबे समय से मंदी का सामना कर रहे निर्यातकों के पास अब अपने उत्पादन और कारोबार को बढ़ाने का बेहतरीन अवसर है.