कांवड़ यात्रा 2026 (Kanwar Yatra 2026) के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जीटी रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन प्लान भी लागू किया गया है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान गौमुख, गंगोत्री धाम और हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त दिल्ली पहुंचेंगे या राष्ट्रीय राजधानी से होकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों की ओर प्रस्थान करेंगे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, कांवड़ियों की सुरक्षा और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए यात्रा मार्गों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं।

प्रमुख कांवड़ रूटों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है, जबकि कई स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने यात्रा मार्गों, कांवड़ शिविरों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। पुलिस अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी (जहां अनुमति है) और अन्य तकनीकी माध्यमों से भी हालात पर नजर रख रही हैं। इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पूर्वी दिल्ली के इन रास्तों से रहें दूर

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की पूर्वी रेंज द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार 30 जुलाई से 12 अगस्त तक कई महत्वपूर्ण मार्गों पर नगर बसों को छोड़कर भारी वाहनों (HTV) के प्रवेश पर रोक रहेगी। प्रतिबंधित और प्रभावित मार्गों में जीटी रोड पर अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक, वजीराबाद रोड पर भोपुरा बॉर्डर से सिग्नेचर ब्रिज तक, विकास मार्ग, आशाराम त्यागी मार्ग (रोड नंबर-66), पुश्ता रोड और लोनी रोड शामिल हैं। इन मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही या तो पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी या उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, कांवड़ यात्रियों की आवाजाही के दौरान जाम की स्थिति को कम करने और यात्रा मार्गों को बाधारहित बनाए रखने के लिए भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (NH-9) और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

9 अगस्त से आम यातायात के लिए बंद

पुलिस के अनुसार, कांवड़ियों की भारी आवाजाही के कारण अप्सरा बॉर्डर से यमुना ब्रिज तक जीटी रोड आम यातायात के लिए 9 अगस्त की सुबह 7 बजे से 12 अगस्त की रात 8 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। ट्रैफिक पुलिस की पूर्वी रेंज की एडवाइजरी के मुताबिक, 30 जुलाई से 12 अगस्त तक जीटी रोड, वजीराबाद रोड, विकास मार्ग, आशाराम त्यागी मार्ग (रोड नंबर-66), पुश्ता रोड और लोनी रोड पर नगर बसों को छोड़कर भारी वाहनों (एचटीवी) की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी या उनका मार्ग परिवर्तित किया जाएगा।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की एंट्री प्रतिबंधित

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों और कांवड़ ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। एडवाइजरी के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। पुलिस ने कांवड़ियों और वाहन चालकों से निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने की अपील की है। ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि जहां संभव हो, वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। जिन लोगों को प्रभावित मार्गों से होकर गुजरना जरूरी है, उन्हें अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने और संभावित यातायात दबाव को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।

प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व, मध्य, बाहरी उत्तर, बाहरी, रोहिणी, द्वारका, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण दिल्ली से गुजरने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्यों से दिल्ली आने वाले लाखों कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत सुरक्षा और यातायात प्रबंधन योजना तैयार की गई है। इसके तहत संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT), पीसीआर वैन और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर नाके लगाकर वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

पड़ोसी राज्यों की पुलिस से समन्वय

कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सात प्रमुख एंट्री पॉइंट हैं, जहां से बड़ी संख्या में कांवड़िए राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये प्रवेश मार्ग राजधानी के कई अन्य जिलों से भी जुड़े हुए हैं, इसलिए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की दृष्टि से इनका महत्व काफी अधिक है। इसी को देखते हुए सभी एंट्री पॉइंट्स पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या आपात स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी समन्वय बैठकें की हैं। इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सहायता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

UER-II एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की एंट्री प्रतिबंधित

कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नॉर्दर्न रेंज के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि UER-II (अर्बन एक्सटेंशन रोड-II) एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नॉर्दर्न रेंज की ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, कांवड़ यात्रियों की भारी आवाजाही के मद्देनजर NH-44 (जीटी करनाल रोड), आउटर रिंग रोड और उनसे जुड़ी सड़कों पर यातायात को समय-समय पर नियंत्रित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से UER-II एक्सप्रेसवे को कांवड़ यात्रा मार्ग से बाहर रखा गया है और किसी भी कांवड़िए या कांवड़ ले जाने वाले वाहन को इस मार्ग का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

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